आगरा। लखनऊ में चार बहनों और मां की हत्या करने वाले अरशद का परिवार 12 वर्ष पहले आगरा में आया था। अरशद अपनी मां और बहनों को घर से नहीं निकलने देता था और न ही किसी को घर में आने देता था। पूरी बस्ती उसके खिलाफ रहती थी। अरशद ने एक तरह से परिवार के लिए घर को कैदखाना बना रखा था। बुधवार को भी उसके घर से ताला लगा मिला। कोई रिश्तेदार भी उसके घर नहीं पहुंचा।
इस्लाम नगर टेढ़ी बगिया में 100 वर्ग गज का प्लॉट खरीदकर मकान बनवाया था। फरवरी 2024 में 50 वर्ग गज हिस्सा सामने रहने वाले अलीम खान को सात लाख रुपये में बेच दिया था। पहले सिर्फ एक कमरा बना था। सात लाख रुपये आने के बाद 50 वर्ग गज में चार कमरों का दो मंजिला मकान बना लिया था। अरशद और उसके पिता बदरुद्दीन उर्फ बदर दोनों के बारे में आसपास के लोगों ने बताया कि वे किसी से कोई संपर्क नहीं रखते थे। हमेशा झगड़ा ही करते रहते थे।
बदर ने 18 दिसंबर को आइजीआरएस पर शिकायत की थी। इसमें उसने लिखा था कि वह हिंदू धर्म अपनाना चाहता है। बस्ती के लोग उसे परेशान करते हैं। उसके घर में पत्थर फेंकते हैं। उसने पत्र में यह भी लिखा था कि वह अपने मकान को मंदिर ट्रस्ट में देना चाहता है। यह शिकायती पत्र 23 दिसंबर को थाना ट्रांस यमुना पहुंचा। पुलिस ने उससे संपर्क किया, लेकिन उसने कह दिया कि अभी वह बाहर है। आने पर थाने में बयान देने आ सकेगा। पुलिस ने आसपास के लोगों से उसके बारे में पता किया तो उसके आरोप सही नहीं पाए गए।
इधर मो. अरशद ने वीडियो जारी किया। वीडियो में आरोप लगा रहा है कि बस्ती के कुछ दबंग जमीनों पर कब्जा करते हैं, गैरकानूनी धंधे करते हैं। उसने वीडियो में आगरा के ही रानू उर्फ अफताब अहमद, अलीम खान, सलीम, ड्राइवर, अहमद, आरिफ, अजहर व अन्य रिश्तेदार व ऑटो चालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही कहा कि बस्ती के दबंग पिता मो. बदर व मुझे झूठे मामले में जेल पहुंचाकर बहनों को हैदराबाद में बेचना चाहते थे, इसलिए यह गुनाह मैंने व पिता ने मिलकर किया है। बहनों का गला दबाकर, हाथों की नसें काटकर हत्या करनी पड़ी।











