आगरा। राम खालसा के भी हैं और मुसलमानों के भी। वह किसी पार्टी की बपौती नहीं है। वह देश की आत्मा है, बच्चों के जन्म से लेकर मरने तक राम का नाम ही सुनाई देता है। राम सबके साझा हैं। यह बातें राम कथा मर्मज्ञ और कवि डॉ. कुमार विश्वास ने शनिवार को कहीं।
कुमार विश्वास आगरा में फतेहाबाद रोड स्थित जेपी वैडिंग स्क्वायर में राम कथा सुनाने के लिए आए हैं। कुमार विश्वास ने इशारों में मंदिर-मस्जिद पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कोई भी धर्म इस बात की इजाजत नहीं देता कि दूसरे के धर्म-स्थल को तोड़कर अपने धर्म स्थल बनाओ। एक गुरुद्वारा ऐसा दिखा दो जो किसी और धर्म स्थान को तोड़कर बनाया गया हो। जैन धर्म के लोग क्षत्रियों के वंशज हैं, उनका मंदिर भी किसी धर्मस्थल को तोड़कर नहीं बना।
कुमार विश्वास ने यह कथा भी सुनाई की कौआ ने माता सीता के पैर में चोंच मारी थी। नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में बहुत से इंद्र होते हैं। इंद्र के लड़के दिल्ली और लखनऊ में ही मिलते हैं। इंद्र के लड़कों की क्षमता है कि वह लोगों का आकलन उनके कपड़ों और ब्रांड से करते हैं। राजनेताओं के बच्चे छेड़छाड़ करने के बाद बचने के लिए अपने पिताओं का सहारा लेते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मैं कुंभ होकर आ गया हूं। राम की कहानी गंगा स्नान की तरह है, जो वहां नहीं जा पाए वह राम कथा सुनकर गंगा-स्नान का आनंद लीजिए। कथा में भक्त होकर बैठिए विषक्त होकर नहीं। मेरी सांस्कृतिक यात्रा में आगरा महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है। उन्होंने यह भजन भी सुनाया- राम दृष्टा भी हैं और दृष्टि भी हैं, राम एकांक हैं और महफिल भी हैं। राम रास्ता भी है और राम मंजिल भी हैं। कथा सुनने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, अजय अग्रवाल, रमेश अवस्थी आदि मौजूद रहे।











