आगरा। सर्राफा कारोबारी को गोली मारने वाले दोनों युवकों को एत्माउद्दौला पुलिस ने पकड़ लिया है। पकड़े जाने पर गोली मारने वाले मुख्य आरोपी ने कहा उसकी बहन का ससुराल में जीना दुश्वार कर दिया गया था। दो बार उसे ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया था। उसकी बहन का घर उजड़ने से बचाने के लिए उसने सिरफिरे आशिक को गोली मारी। वह बोला मेरे पास अपनी बहन का घर बचाने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं था। क्यों कि आनंद उसके पीछे पागल हो गया था वह उसका घर तबाह करने पर उतारू था।
सुशील नगर के रहने वाले आनंद वर्मा पुत्र ओमप्रकाश वर्मा ज्वेलर्स का काम करते हैं। रविवार शाम वह स्कूटी से मेहताब बाग की तरफ जा रहे थे। अचानक पीछे से आए व्यक्ति ने उनकी पीठ में गोली मार दी। घायल आनंद वर्मा को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। आनंद ने गोली मारने वाले की पहचान अतुल निवासी पुरा गोवर्धन के रूप में बताई थी। इंस्पेक्टर एत्माउद्दौला देवेंद्र दुबे ने अतुल और उसके साथी को पकड़ने के लिए दिन रात एक कर दिए थे। आनंद के पिता ओमप्रकाश ने मुकदमे में यह भी लिखाया था कि अतुल के साथ उसका भाई भी था, जबकि अतुल का भाई कोलंबो में रहता है। वह मौके पर नहीं था। अतुल को पकड़े जाने के बाद जब उससे पूछा गया कि उसने आनंद को गोली क्यों मारी तो उसने बताया कि उसकी बहन की शादी एक कांस्टेबल से हुई है। मैसेज व फोन के माध्यम से आनंद उसकी बहन को परेशान करता था। आनंद के लगातार फोन करने पर उसकी बहन को उसके ससुराल वालों ने मायके भेज दिया। अतुल और उसके माता-पिता ने आनंद से बात की और कहा कि वह उसकी बेटी का घर क्यों बर्बाद कर रहा है। इस पर आनंद ने माफी मांग ली और कहा की अब वह परेशान नहीं करेगा। जब बहन दोबारा ससुराल चली गई तो आनंद ने उसे फिर से फोन करना शुरू कर दिया। वह उसे बोलने लगा अपने पिता और पति को जहर दे दो और मेरे साथ में शादी कर लो। आनंद के लगातार फोन कर परेशान करने पर ससुराल वालों ने फिर से उसे नाराज होकर मायके भेज दिया। अतुल ने बहन का घर टूटता देखकर फिर से आनंद से बात की। इस पर आनंद ने उसे देख लेने की धमकी दी। इसके बाद अतुल ने अपने चचेरे भाई प्रकाश को लेकर आनंद की रेकी की। आनंद को अकेला पाकर उसे तमंचे से गोली मार दी।











