आगरा। एसटीएफ ने जगदीशपुरा में नकली नमक और डिटर्जेंट पाउडर बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। हर महीने लाखों रुपए का माल बाजार में खपाया जा रहा था। टीम के द्वारा भारी मात्रा में माल और उसे तैयार करने वाली मशीन बरामद की गई है। फैक्ट्री संचालक भी टीम के हत्थे चढ़ गया है।
इंस्पेक्टर हुकुम सिंह ने बताया कि टीम को काफी समय से नकली नमक और डिटर्जेंट पाउडर बनने की सूचना मिल रही थी। सोमवार रात को अवधपुरी स्थित मकान नंबर 77 पर दबिश दी गई। फैक्ट्री में हिंदुस्तान यूनीलीवर लिमिटेड के नकली प्रोडक्ट बनाए जा रहे थे। पूछताछ में सामने आया है कि नकली माल की सप्लाई आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा के अलावा राजस्थान के माधोगढ़, किशनगढ़, चित्ताैड़गढ़ व धौलपुर आदि क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में की जा रही थी। आरोपी के मोबाइल में से हर महीने 20 लाख रुपये तक का माल बेचे जाने की जानकारी मिली है। एसटीएफ निरीक्षक ने बताया कि दिल्ली में हेमंत और वासु नकली पाउच और कट्टों की बिक्री करते हैं। मामले में थाना जगदीशपुरा में कापीराइट, धोखाधड़ी, ट्रेडमार्क अधिनियम सहित अन्य धारा में केस दर्ज किया गया है। एक पैकेट पर 10 रुपये तक का फायदा
पुलिस की पूछताछ में आरोपी जितेंद्र ने बताया कि वह रामबाग स्थित गोदाम से नमक का 100 किलोग्राम का कट्टा 300 रुपये में लेकर आता था। यह कम गुणवत्ता और मानक का होता था। दिल्ली के दो लोग सर्फ एक्सेल और टाटा कंपनी के पाउच बेचते हैं। वह उसे मिल जाते थे। बाजार में कंपनी के नमक के पैकेट की कीमत तकरीबन 30 रुपये है। वह 8 से 10 रुपये में नकली नमक के एक किलोग्राम के पैकेट तैयार कर लेता और 20 रुपये तक में बेचता था। जीतू ने यह भी बताया कि वह पिछले 3 सालों से यह काम कर रहा है। इधर सवाल यह भी खड़े हो रहे हैं कि क्षेत्र में फैक्ट्री संचालित थी और थाना पुलिस को पता ही नहीं था।











