आगरा। शहर के प्रमुख थाने हरीपर्वत ने तीन बदमाशों के द्वारा एक व्यक्ति से मोबाइल लूटने की घटना को दबा दिया गया। पुलिस ने ही पीड़ित की तरफ से पहले तो लूट की तहरीर लिखी। बाद में अगले दिन चौकी पर बुलाकर गुमशुदगी की। पीड़ित से कहा गया कि अगर लूट का मुकदमा दर्ज कराया तो मोबाइल नहीं मिलेगा। पता नहीं कहां-कहां तुम्हें चक्कर काटने पड़ेंगे। गुमशुदगी दर्ज करवाओगे तो हम ऐसे ही मोबाइल दिलवा देंगे। शनिवार को मामला उजागर होने के बाद डीसीपी सिटी ने लूट का मुकदमा दर्ज कराया है।
जीवनी मंडी के रहने वाले संजय कुमार खंदारी पर एक जूता फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। संजय ने बताया कि 10 जनवरी की रात को 10:00 बजे वह अपने घर के लिए जा रहे थे। विजय नगर चौकी क्षेत्र में भगवान नर्सिंग होम के पास मोटरसाइकिल पर तीन बदमाश आए और उनका मोबाइल लूट कर ले गए। उन्होंने शोर मचाया तो लोग भी एकत्रित हो गए। इसके बाद किसी राहगीर के फोन से उन्होंने 112 नंबर पर फोन किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और उन्हें विजयनगर चौकी पर ले आई। इसके बाद उनसे पूछा गया कि मोबाइल कैसे लूटा गया था। उन्होंने इस बात की पूरी जानकारी दे दी। इसके बाद एक पुलिसकर्मी ने ही मोबाइल लूट की तहरीर लिखी। संजय का कहना है कि 11 जनवरी को भी वह चौकी पर मोबाइल का बिल और डिब्बा देने के लिए गया। 11 जनवरी को ही उसे फोन कर फिर से बुलाया गया। चौकी प्रभारी ने उससे कहा कि अगर लूट का मुकदमा दर्ज हुआ तो मोबाइल नहीं मिलेगा। चौकी प्रभारी ने पूछा कि अगर ऐसे ही मोबाइल मिल जाए तो। इस पर संजय ने पूछा कैसे मिल जाएगा? चौकी प्रभारी ने कहा कि हम खोज लेंगे। अब तक 50 लोगों को मोबाइल दिलवाया है। इसके बाद चौकी पर ही मौजूद किसी स्टाफ से फिर से एक गुमशुदगी की तहरीर लिखवाई और उससे हस्ताक्षर करा लिए। तहरीर में लिखा गया कि मोबाइल कहीं गिर गया है। शनिवार को यह मामला सुर्खियों में छा गया कि थाना पुलिस ने लूट की घटना को छिपा दिया है। इसके बाद डीसीपी सिटी सूरज राय ने नाराजगी जताई। इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार दुबे का कहना है कि चौकी तक ही मामला पहुंचा था। उनके संज्ञान में मामला नहीं पहुंचा था। उन्होंने लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया है।











