आगरा। उप्र ऑयल मिलर्स एसोसिएशन द्वारा मस्टर्ड ऑइल प्रोड्यूसर्स एसोसियेशन ऑफ इंडिया (मोपा) और द सेन्ट्रल आर्गेनाइजेशन फॉर ऑयल इण्डस्ट्री एवं ट्रेड (कुईट) के तत्वावधान में ताज होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय रबी तेल तिलहन सेमिनार के 45वें संस्करण में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारत की जलवायु, भारत की मिट्टी, भारत का पानी खाद्य तेलों के लिए सर्वश्रेष्ठ है।
मुख्य अतिथि के रूप में रविवार को आए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि जितनी उपभोक्ताओं की आवश्यकता है, उसके मुकाबले हमारे देश में खाद्य तेल का उत्पादन कम होता है, इसलिए हमें तेल का आयात करना पड़ता है। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पीएम मोदी प्रयासरत हैं। दलहन व तिलहन में आत्मनिर्भरता के लिए सरकारी प्रयासों के बाद भी हमें खाद्य तेल आयात करने पड़ते हैं। यह हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है और इसका समाधान भी निकलेगा। श्री बिरला ने कहा कि हमारा खाद्य तेल सबसे सर्वश्रेष्ठ तेल है। हमारी मिट्टी में पैदा होता है। भारत की जलवायु, भारत की मिट्टी, भारत का पानी खाद्य तेलों के लिए सर्वश्रेष्ठ है। आवश्यकता है तो इसे वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने की। इसके लिए हमें रिसर्च करनी होंगी, उनको दुनिया के सामने लाना होगा। इससे हमारा बाजार बढ़ेगा। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि आजकल मार्केटिंग करने का जमाना है। अधिकांश चिकित्सक मानते हैं कि खाद्य तेलों से बीमारियों नहीं होतीं। इम्यूनिटी बढ़ती है। यदि सरसों तेल की गुणवत्ता पर शोध पत्र कृषि वैज्ञानिक तैयार करें और ऑयल इंडस्ट्री मिलकर उसका प्रचार प्रसार करे तो हमारे खाद्य तेल को कोई चुनौती नहीं दे सकता। सेमिनार में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, सांसद राजकुमार चाहर, मेयर हेमलता दिवाकर, एमएलसी विजय शिवहरे, राष्ट्रीय संयोजक दिनेश राठौर, कुईट अध्यक्ष सुरेश नागपाल, महेश राठौड़, यूपीओमा अध्यक्ष अजय गुप्ता, मोपा अध्यक्ष बाबू लाल डाटा आदि शामिल रहे।











