आगरा। राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के द्वारा राणा सांगा को लेकर जो बयान दिया गया है उसे लेकर पूरे देश में सियासत गर्म हो गई है। इधर आगरा न्यायालय में एक अधिवक्ता ने भी उनके खिलाफ वाद दायर किया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुमन के बयान का समर्थन किया है। इसलिए उन्हें भी पार्टी बनाया गया है।
अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व सांसद रामजीलाल सुमन के विरुद्ध यह वाद सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दायर किया है। अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने कहा है कि मीडिया से जानकारी मिली कि विपक्षी रामजीलाल सुमन ने राणा सांगा के बारे में झूठ फैलाया कि राणा सांगा ने बाबर को भारत पर आक्रमण के लिए आमंत्रित किया था जो कि उपलब्ध ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार एक झूठा तथ्य है। अधिवक्ता ने अपने वाद में तथ्य प्रस्तुत कर दावा किया है कि मुगल आक्रांता बाबर को भारत में राणा सांगा नहीं बल्कि इब्राहिम लोदी के विरुद्ध दौलत खान लोदी लाया था। अधिवक्ता ने कहा कि बाबरनामा, जिसका अंग्रेजी में अनुवाद एनेट सुज़ाना बेवरिज ने किया है, के प्रथम भाग में पेज संख्या 439, 440 और 441 पर उल्लेख है कि बाबर को पंजाब के तत्कालीन गवर्नर दौलत खान लोदी ने भारत में इब्राहिम लोदी के विरुद्ध आक्रमण करने के लिए बुलाया था। बाबरनामा में बाबर ने स्वयं लिखा है कि बाबर से इब्राहिम लोदी के विरुद्ध दौलत खान लोदी और अलाउद्दीन आलम खान लोदी ने भारत आने की प्रार्थना की थी। इब्राहिम लोदी द्वारा अपने बेटे दिलावर खान लोदी और आम खान को बाबर के पास काबुल भेजे जाने का जिक्र भी बाबरनामा में है। सिविल जज ने सुनवाई करते हुए फाइल को अग्रिम आदेश के लिये रख लिया है।











