-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के द्वारा नैक निरीक्षण कराने से पूर्व दाखिल की जाने वाली SSR (रिपोर्ट) को चौथी बार राज भवन ने फेल माना है। कुलाधिपति इतनी नाराज हो गईं की उन्होंने कहा राज भवन आपको चार बार बुला चुका है। अभी तक आपने रिपोर्ट में सुधार नहीं किया है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि अब वह उन्हें नहीं बुलाएंगी। अंतिम बार बुलाया है। क्योंकि आप लोग सुधरने के लिए तैयार नहीं हैं।
विश्वविद्यालय को वर्ष 2004 में ‘बी‘ ग्रेड तथा वर्ष 2017 में ‘बी प्लस प्लस‘ ग्रेड प्राप्त हुआ था। अगले निरीक्षण के लिए लंबे समय से तैयारी सिर्फ फाइलों में ही चल रही है। विश्वविद्यालय निरीक्षण नहीं करा पा रहा है। कुलाधिपति ने दीक्षांत समारोह में भी कहा था विश्वविद्यालय नैक का जल्द से जल्द निरीक्षण कराए। तैयार की गई रिपोर्ट के साथ उन्होंने शुक्रवार को राज भवन में कुलपति सहित उनकी पूरी टीम को बुलाया था। विश्वविद्यालय द्वारा तैयार की गई SSR की समीक्षा करते हुए कुलाधिपति ने प्रस्तुतिकरण को असंतोषजनक बताया और नाराजगी जाहिर की। पूर्व में तीन बार उनके द्वारा प्रस्तुतीकरण पर समीक्षा की जा चुकी है लेकिन विश्वविद्यालय उनके द्वारा बताए गए दिशा निर्देश मिलने के बाद भी कोई सुधार नहीं कर रहा है। शुक्रवार की मीटिंग में कुलाधिपति नाराज हो गईं। वह बोलीं आपको राज भवन चार बार बुला चुका है लेकिन आप सुधारने का नाम नहीं ले रहे हैं। दिशा निर्देश मिलने के बाद भी रिपोर्ट में कोई सुधार नहीं कर रहे हैं।
समीक्षा बैठक के दौरान प्रोफेसर संजय चौधरी ने स्मार्ट क्लासरूम दिखाए। कहा कि विश्वविद्यालय में ऐसे स्मार्ट क्लासरूम बने हैं। कुलाधिपति ने फोटो में यह बात पकड़ ली की छात्र फर्श पर बैठे हुए थे। इस पर कुलाधिपति नाराज हो गईं। कुलाधिपति ने कहा कि छात्र फर्श पर बैठे हुए हैं। बहुत ही हैरान कर देने वाली बात है। इस पर उन्हें जवाब दिया गया कि अभी फर्नीचर नहीं लगा है। सदस्य आपस में एक दूसरे से बोले यह बात तो हमने सोची ही नहीं थी। कुलाधिपति फर्श पर छात्रों के बैठने वाली बात पकड़ लेंगी। हम तो स्मार्ट क्लास रूम का फोटो दिखा रहे थे। इसके साथ ही आरोग्य केंद्र का फोटो देखने पर कुलाधिपति संतुष्ट नहीं नजर आईं। उन्होंने कहा कि आरोग्य केंद्र में भर्ती मरीजों का फोटो कहां है। चिकित्सक उन्हें देख रहा है उसका फोटो कहां है। ऐसे तो कोई भी कुछ भी फोटो दिखा देगा। कुलाधिपति इस बात को लेकर चिंतित थीं कि मार्च 2024 के बाद नई पॉलिसी आ रही है। अगर विश्वविद्यालय तब तक SSR दाखिल नहीं कर पाया तो यह रिपोर्ट फिर से तैयार करनी होगी और फिर से यह सालों में तैयार होगी। इस पर प्रोफेसर संजीव कुमार बोले हम आश्वासन देते हैं आपने जो दिशा निर्देश दिए हैं उसको पूरा करते हुए मार्च में AQAR, SSR सबमिट कर देंगे।
कुलाधिपति ने टीम के प्रत्येक सदस्य को अपना बेहतर योगदान देने और नैक के उच्चतम ग्रेड के लिए दृढ़ संकल्प होकर प्रयास करने को कहा। इसी क्रम में उन्होंने प्रदेश के 6 विश्वविद्यालय को ‘पीएम ऊषा‘ योजना से प्राप्त हुई 100 करोड़ की धनराशि (प्रत्येक) का जिक्र करते हए नैक के उच्चतम ग्रेड से विश्वविद्यालय स्तर में अभूतपूर्व बदलावों की चर्चा भी की। उन्होंने राजभवन से दिए जा रहे निर्देशों का समुचित अनुपालन करने को कहा।











