आगरा। दो सगी बहनों का धर्मांतरण कराने वाले गैंग का मास्टरमाइंड मंगलवार को दीवानी में सीजेएम कोर्ट में कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी की 10 दिन की रिमांड मंजूर की है।
सदर थाना क्षेत्र की रहने वाली दो युवतियां 24 मार्च को लापता हुई थीं। उनके पिता ने उसी दिन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि उधमपुर (जम्मू कश्मीर) की साईमा उर्फ खुशबू उनकी बेटियों को धर्मांतरण कराके शादी कराने के लिए बहला फुसला कर ले गई है। आगरा पुलिस ने लापता दोनों बहनों को कोलकाता से बरामद किया। इसके बाद चौंकाने वाला सच सामने आया। सच सामने आने के बाद पुलिस ने छह राज्यों में ताबड़तोड़ दबिश देकर धर्मांतरण कराने वाले इस गिरोह के सरगना समेत 10 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें गोवा की एक युवती भी है। ये गिरोह आईएसआईएस आतंकी संगठन के मॉडयूल पर काम कर रहा है। इसके प्रतिबंघित संगठन पीएफआई, एसडीपीआई और पाकिस्तान की एजेन्सियों से जुड़े होने के साक्ष्य भी मिले हैं। इस गिरोह को कनाडा, अमेरिका, पाकिस्तान समेत कई देशों से फंडिंग की जा रही थी। पुलिस ने दिल्ली से मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान को दिल्ली के मुस्तफाबाद से गिरफ्तार किया था। वह गोवा की आयशा को धर्मांतरण के लिए फंड मुहैया कराता था। अब्दुल रहमान ही सामूहिक धर्मांतरण के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे मौलाना कलीम सिद्दीकी के गिरोह को मुख्य रूप से संचालित कर रहा था। पुलिस की दबिश में आरोपी के घर से रोहतक की युवती भी बरामद हुई। उसे भी धर्मांतरण के लिए लाए जाने की आशंका है। आरोपी के ठिकाने से मुस्लिम साहित्य के साथ ही धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने वाली पुस्तकें भी मिली हैं। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। गिरोह के आतंकी फंडिग के बारे में पड़ताल की जाएगी।
इधर अवैध धर्मांतरण गिरोह से जुड़कर इस्लाम कुबूल करने वाले हिंदू युवक पकड़े जाने के बाद घर वापसी की बात कर रहे हैं। पुलिस कस्टडी रिमांड पर पूछताछ में आरोपितों ने अपने धर्मांतरण से लेकर गैंग के लिए काम करने तक की पूरी जानकारी पुलिस को दी। जयपुर से गिरफ्तार हुए पियूष पंवार उर्फ मोहम्मद अली एक युवती के प्यार में धर्मांतरित हुआ था। वह भी उसको छोड़कर चली गई थी।











