आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग में तैनात प्रोफेसर बीके सारस्वत को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित पंडित सुंदर लाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया है। उनके कुलपति बनने के बाद विश्वविद्यालय के शिक्षकों के बीच में खुशी की लहर है।
प्रोफेसर बीके सारस्वत आईईटी के लंबे समय तक निदेशक भी रहे हैं। आईईटी को खड़ा करने और उसको पहचान दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही है। अपने कार्यकाल के दौरान वह मिनिस्ट्री ऑफ़ एजूकेशन से कई करोड़ रुपए भी आईईटी के विकास के लिए लेकर आए थे। प्रोफेसर सारस्वत ने कंप्यूटर के क्षेत्र में कई बड़े-बड़े काम किए हैं। विश्वविद्यालय में उनकी गिनती अच्छे व अकेडमिक प्रोफेसरों में होती है। वह फैकेल्टी आफ इंजीनियरिंग के करीब 10 साल तक डीन, कंप्यूटर साइंस विभाग के करीब चार साल तक विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय की अकेडमिक काउंसिल के करीब 12 साल तक सदस्य, AICTE के तीन साल तक सदस्य जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उन्हें करीब 30 साल का अनुभव है। यूजीसी से भी उन्होंने कई बड़े प्रोजेक्ट लिए हैं और करीब 38 रिसर्च पेपर उनके पब्लिश हो चुके हैं। ‘प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष में युवाओं के लिए आलेख’ लिखा उनका आर्टिकल सुर्खियों में रहा है।
रिजल्ट बनाने संबंधी कार्य में भी उन्हें अच्छा अनुभव है। कुलपति प्रोफेसर डीएन जौहर के कार्यकाल में उन्हें उस समय रिजल्ट बनाने की जिम्मेदारी मिली थी जब एजेंसी विश्वविद्यालय से भाग गई थी। परीक्षाओं का दौर था। अच्छे-अच्छे प्रोफेसर ने हाथ खड़े कर लिए थे। लेकिन प्रोफेसर सारस्वत ने कुलपति के भरोसे पर खरा उतरते हुए अपनी जिम्मेदारी महत्वपूर्ण तरीके से निभाई थी। प्रोफेसर सारस्वत के कुलपति बनने पर प्रोफेसर सुगम आनंद, प्रोफेसर शरद उपाध्याय, प्रोफेसर लवकुश मिश्रा, प्रोफेसर बृजेश रावत, प्रोफेसर संतोष बिहारी शर्मा, प्रोफेसर बिंदु शेखर शर्मा, प्रोफेसर बीपी सिंह, प्रोफेसर मनु प्रताप सिंह, प्रोफेसर रणवीर सिंह, प्रोफेसर विनीता सिंह, प्रोफेसर प्रदीप श्रीधर, डॉ. अखिलेश सक्सेना, डॉ. आनंद टाइटलर, अरविंद गुप्ता, मनीष शर्मा, रमन शर्मा, पीआरओ पूजा सक्सेना आदि के द्वारा बधाई दी गई है।











