आगरा। ट्रान्स यमुना थाने में चोरी के मुकदमे की जानकारी लेने गई महिला के साथ मारपीट वाले प्रकरण में यादव महासभा ने डीसीपी से मुलाकात कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। यह चेतावनी भी दी गई की अगर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो लखनऊ में विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
सरजू यादव पत्नी त्रिभुवन यादव निवासी कालिंदी विहार के घर में 15 सितंबर 2024 को चोरी हो गई थी। लाखों रुपए के जेवरात चोरी हुए थे। पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज किया लेकिन चोरों को पकड़ने का प्रयास नहीं। महिला मुकदमे की जानकारी लेने के लिए थाने में थाना अध्यक्ष रोहित गुर्जर के पास गई। महिला का कहना है कि जब वह उनसे मिलने गई तो उन्होंने निलंबित दरोगा राजकुमार गोस्वामी जो कि उस समय थाने में ही थे और विवेचक थे उन्हें जानकारी के लिए बुलाया। उन्होंने आते ही महिला से अभद्रता शुरू कर दी। इसके साथ ही यह बताया कि जनवरी में मुकदमे में एफआर लगा दी है। यह सुनने के बाद महिला हैरान हो गई। उसने कहा कि मुझे तो जानकारी भी नहीं दी गई। उसके बाद निलंबित दरोगा से उनकी कहासुनी हुई। थानाध्यक्ष रोहित गुर्जर भी उनका साथ देने लगे। महिला ने जब उनकी अभद्रता का वीडियो बनाना शुरू किया तो उसके साथ कमरे में बंद करके मारपीट और छेड़छाड़ की गई। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों से उन्हें पिटवाया गया। महिला का कहना है कि उसने तो सेल्फ डिफेंस में महिला पुलिसकर्मी पर हाथ उठा दिया था। शनिवार को यादव महासभा के जिला अध्यक्ष अधिवक्ता राजकुमार यादव के नेतृत्व में रंजू यादव, नरेंद्र यादव सहित कई पदाधिकारी डीसीपी सिटी से कलेक्ट्रेट में मुलाकात करने पहुंचे। पीड़िता सरजू यादव भी उनके साथ में थी। अधिवक्ता राजकुमार यादव ने बताया कि डीसीपी सिटी ने दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यादव महासभा के राष्ट्रीय नेतृत्व के द्वारा थाने का घेराव किया जाएगा। उसके बाद लखनऊ में विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा। इधर मामले को पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने भी गंभीरता से लिया है, उनके द्वारा एडिशनल डीसीपी पूनम सिरोही को जांच दी गई है। उनके द्वारा दोनों पक्षों के बयान दिए जा रहे हैं।











