आगरा। सोमवार को विकास भवन में किसानों की समस्याओं को लेकर एक बैठक प्रस्तावित थी। इसमें शिरकत करने के लिए कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य समय से पहुंचीं। लेकिन हैरानी की बात यह रही की मीटिंग में एक भी अधिकारी नहीं पहुंचा। कैबिनेट मंत्री ने एक घंटे तक इंतजार भी किया। फिर भी कोई अधिकारी नहीं आया। इसके बाद वह वहां से नाराज होकर चली गईं उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री से आगरा के अधिकारियों की शिकायत करेंगीं।
सोमवार को सुबह 11:00 बजे से किसानों की समस्याओं को लेकर विकास भवन में बैठक होनी थी। कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य 11:00 बजे विकास भवन में पहुंच गईं। उन्होंने देखा कि एक भी अधिकारी मीटिंग हॉल में मौजूद नहीं था। उन्होंने सोचा शायद रास्ते में होंगे, आ रहे होंगे। देखते ही देखते एक घंटा निकल गया। 12:00 बज गए लेकिन एक भी अधिकारी बैठक में नहीं आया। इस बात को लेकर किसान भी नाराज हो गए। किसान नेता श्याम सिंह चाहर का कहना था कि किसानों की समस्याओं को लेकर लंबे समय से बैठक प्रस्तावित थी। दो बार बैठक निरस्त हो चुकी थी। आज विकास भवन में बैठक होना तय हुआ था, लेकिन आज भी यह नहीं हुई। इधर एक भी अधिकारी के नहीं आने को लेकर कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य का पारा चढ़ गया और वह वहां से नाराज होकर यह कहते हुए चली गईं कि आगरा के अधिकारियों की मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगी। दूसरी ओर बैठक नहीं होने को लेकर किसान नेता श्याम सिंह चाहर और उनके समर्थकों ने भी जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि आगरा के अधिकारी, मंत्री और जनप्रतिनिधियों को भी कुछ नहीं समझते हैं। वह इसलिए बैठक में नहीं आए कि उन्हें पता है की दाल में काला है। आईएएस अधिकारी एकजुट हो चुके हैं। वह यूपी सरकार की नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के खिलाफ पूरा गेम खेला जा रहा है। उन्होंने आत्महत्या करने की बात भी कही।











