आगरा। आगरा में यमुना का जलस्तर खतरे को पार कर गया है। यह खतरे के निशान से करीब तीन से चार फीट ऊपर पहुंच गया है। यमुना किनारे की कॉलोनी और बस्तियों में पानी घुस गया है। जिस वजह से लोग वहां से पलायन कर रहे हैं। रविवार को कई क्षेत्रों का कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय जिलाधिकारी ने भी दौरा किया।
दिल्ली के ओखला बेराज से दो लाख क्यूसेक और गोकुल बैराज से रविवार सुबह पानी डिस्चार्ज किया गया है। यह आगरा की ओर बढ़ रहा है। सरगनखेडा, आईटीआई बल्केश्वर, कैलाश मन्दिर, अम्बेडकर वाटिका, मोती महल पर चौकसी बरती जा रही है। वर्तमान संकेतों के अनुसार यमुना नदी का जल स्तर जल संस्थान, आगरा पर बढ़ने की सम्भावना है। वर्तमान में चम्बल नदी का जलस्तर 124.60 मीटर है। मीडियम फ्लड लेविल प्रभावित होने वाले ग्राम तहसील सदर में बुर्ज, नगला छीतर सिंह, मेहरा नाहरगंज, महल बादशाही, नगला तल्फी, नगल पैमा, तहसील फतेहाबाद में शाहिदपुर, वीरपुरा, बेहड़, पारौली सिकरवार, बिचौला, गिदरौन, तहसील एत्मादपुर में नगला धीमर, बढ़नुपरा, रहनकलां, नगला कटा आदि है।
सदर तहसील में यमुना नदी से तहसील के अन्तर्गत शहरी क्षेत्र खासपुर के बल्केश्वर अनुराग नगर, मनोहरपुर, नगला बूढ़ी, अमर विहार, दयालबाग, कृष्णा कॉलोनी आदि प्रभावित है। अपर जलाधिकारी शुभांगी शुक्ला ने शहरवासियों एवं ग्रामवासियों से अपील की है कि जरूरी कागजात जैसे राशन कार्ड, पासबुक, आधार कार्ड को वॉटरप्रूफ बैग में रखें। सूखे अनाज व मवेशियों के चारे को किसी ऊंचे स्थान पर सुरक्षित रखें। बाढ़ की चेतावनी मिलते ही गर्भवती महिलाओं, बच्चों, वृद्ध, दिव्यांगजन एवं बीमार व्यक्तियों को तुरन्त, तहसीलों द्वारा स्थापित किये गये बाढ़ शरणांलयों में शरण लें। बिजली का मुख्य स्विच व गैस रेगुलेटर को बन्द रखें। पानी के किनारे न जाएं।











