आगरा। शुक्रवार को अलीगढ़ के ऊपरकोट कोतवाली में दारोगा की पिस्टल से गोली चल गई। यह पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए आई महिला के सिर में लग गई। इसके बाद बवाल के हालात बन गए। थाना घेर लिया गया। इधर गंभीर हालत में महिला को जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। घटना के बाद दारोगा फरार हो गया, जिसे निलंबित कर दिया गया है। जिस दरोगा की पिस्टल से गोली चली वह आगरा में भी तैनात रहा है। यहां भी विवादों के चलते सुर्ख़ियों में रहा है। आईपीएस प्रभाकर चौधरी ने उसे निलंबित किया था।
दरोगा मनोज कुमार तीन महीने पहले ही आगरा से गए थे। अलीगढ़ में कोतवाली में भुजपुरा चौकी प्रभारी बनाये गए। शुक्रवार दोपहर में हड्डी गोदाम निवासी शकील अहमद की पत्नी इशरत जहां पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए अपने बड़े बेटे इशान के साथ गई थीं। दोनों कार्यालय में संबंधित कर्मचारी की सीट के सामने खड़े थे। कुछ दूरी पर मनोज कुमार थे। इन्हें एक सिपाही ने पास के शस्त्रागार से पिस्टल निकालकर दी। मनोज कुमार ने पिस्टल लेते ही ट्रिगर दबा दिया जिससे गोली चल गई। इसकी नाल महिला की ओर थी। गोली लगते ही महिला गिर गई। बेटा हक्का-बक्का रह गया। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है। गंभीर हालत में महिला को जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। दरोगा कीगिरफ्तारी की मांग को लेकर सपा के पूर्व विधायक जमीर उल्लाह के साथ स्थानीय लोगों ने करीब आधा घंटा कोतवाली पर हंगामा किया। मेडिकल कालेज पर भी प्रदर्शन किया। ऊपरकोट बाजार बंद कर दिया गया। दरोगा के निलंबित होने के बाद सभी शांत हुए।
दरोगा मनोज कुमार आगरा में निबोहरा में जब थानाध्यक्ष थे तो उन्होंने कुछ किसानों की बेवजह लाठी से पिटाई की थी। किसान दया की भीख मांग रहे थे लेकिन वह लगातार लाठियां बरसाते रहे। वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद एक वादिया और उनके बेटे से उसने अनर्गल बातचीत की थी जिसके बाद 3 नवंबर 2022 को आईपीएस प्रभाकर चौधरी ने उसे निलंबित कर दिया था। चर्चाएं यह भी है कि एक बार जब वह पश्चिमी सर्किल के एक थाने में तैनात थे तो उनकी वजह से एक हादसा हो गया था। अधिकारियों ने बड़ी मुश्किल से स्थिति को संभाला था और मामले को निपटा दिया था। अकोला, सुभाष बाजार, टोल प्लाजा, शास्त्रीपुरम चौकी पर भी वह अपनी कार्यशैली को लेकर लगातार सुर्खियों में रहे। क्षेत्रीय लोगों का कहना था कि उन्हें गुस्सा बहुत जल्दी आता था। वह बेकाबू हो जाते थे।











