आगरा। शोध छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में जेल गए डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर गौतम जैसवार जमानत पर बाहर आ गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट में उन्हें ज्वाइन करा दिया है। सोमवार को उन्होंने ज्वाइन कर लिया है।
विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही शोध छात्रा ने इंस्टीट्यूट आफ बेसिक साइंस (आइबीएस) के रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. गौतम जैसवार पर शादी का झांसा देकर दो वर्ष तक शारीरिक शोषण के आरोप लगाए थे। प्रोफेसर पर आरोप है कि दो साल तक शादी का झांसा देकर शोध छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। उसे खुजराहो होटलों में ले जाकर दुष्कर्म किया। कार्यालय में बुलाकर छेड़छाड़ और मोबाइल तोड़ने की कोशिश की। धमकी दी कि मुंह खोला तो करियर बर्बाद कर देगा। छात्रा की तहरीर पर न्यू आगरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद प्रोफेसर फरार हो गए थे।पुलिस आरोपित प्रोफेसर की तलाश में जुटी हुई थी। मोबाइल लोकेशन के आधार पर न्यू आगरा पुलिस ने प्रयागराज पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। लंबे समय तक वह जेल में रहे। अब वह जमानत पर बाहर आ गए हैं। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने उन्हें छलेसर कैंपस के फिजिकल एजुकेशन विभाग में ज्वाइन करा दिया है। यह कैंपस विश्वविद्यालय से काफी दूर है। छलेसर पर स्थित है। चर्चाएं हैं कि वहां इसलिए ज्वाइन कराया गया है कि जिससे किसी को पता ना चले उन्होंने ज्वाइन कर लिया है।











