आगरा/मथुरा। यमुना एक्प्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं को लेकर मंडलायुक्त गंभीर हैं। उन्हें रोकने के लिए उन्होंने यमुना अथॉरिटी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें हादसों को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मंडलायुक्त पद पर आईएएस नगेंद्र प्रताप ने हाल ही में ट्रांसफर होने के बाद चार्ज लिया है। शनिवार को वह और डीआईजी शैलेश पांडे मांट टोल प्लाजा पर एक्सप्रेसवे पर होने वाले हादसों पर रोक लगाने के लिए बैठक करने पहुंचे। यमुना एक्प्रेसवे पर होने वाली सडक दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त द्वारा निर्देश दिए गए कि आगरा-नोएडा एक्प्रेसवे पर दौड़ने वाले भारी वाहनों के परमिट की वैधता की जांच की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन वाहनों का परमिट नहीं है, उन वाहनों को एक्सप्रेसवे से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाए। साथ ही टोल पर स्कैनर और वाहन परमिट डाटाबेस संबंधित सॉफ्टवेयर इन्सटाल किया जाए जिससे कोई बिना परमिट वाला वाहन टोल से गुजरे तो सॉफ्टवेयर पर अलर्ट अलार्म आ जाए ताकि उस पर एक्शन लिया जा सके। एक्सप्रेसवे के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर गाइडलाइंस व हेल्पलाइन नंबर का विवरण लिखे हुए बड़े साइनेज बोर्ड लगाएं जाएं। बैठक में उन्हें अवगत कराया गया कि एक्प्रसवे के किनारे बने फूड हब प्वाइंट पर भारी वाहनों के ज्यादा सख्या में खड़े होने की समुचित जगह उपलब्ध नहीं है। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि एक्सप्रेसवे के किनारे स्थान चिन्हित करते हुए बस-ट्रक ले-बाए बनाये जाने एवं उन्हें पीपीपी मोड पर संचालन कराये जाने की व्यवस्था बनायी जाए। वहीं एक्सप्रेसवे पर घूमने वाले आवारा पशुओं को पकड़ने को कैटल कैप्चर वाहनों का लगातार मूवमेंट करते हुए आवारा पशुओं को पकड़ा जाए। एक्सप्रेसवे के किनारे लगे बाढ-तार फेंसिंग की पूरी जांच कर ली जाए। वहीं डीआईजी द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी द्वारा की जाने वाली प्रवर्तन कार्यवाही की समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि ओवरलोड और ओवरस्पीड वाहनों के खिलाफ जुर्माना सहित कड़ी कार्रवाई की जाए। इमरजेंसी एग्जिट प्वाइंट को क्रियाशील बनाया जाए। डबल डैकर/स्लीपर बसें मानकों के अनुसार हों, मानकों के विपरीत चलने वाली बसों के विरुद्ध प्रवर्तन की कार्यवाही अमल में लायी जाए। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से समन्वय कर आपेक्षित कड़ी कार्यवाही की जाए।










