आगरा। उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा दिए जाने पर उच्च शिक्षा मंत्री का फुपुक्टा प्रदेश अध्यक्ष और आगरा कॉलेज के प्राचार्य द्वारा आभार व्यक्त किया गया है।
आगरा कॉलेज में आयोजित पत्रकार वार्ता में फुपुक्टा के प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि लंबे समय से शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा दिए जाने की मांग की जा रही थी। इस संबंध में बीते दिनों उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को एक ज्ञापन भी सौंपा गया था। उच्च शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया था कि वह जल्दी कैबिनेट में पास कराकर यह सुविधा प्रदान किए जाने की घोषणा करेंगे। उन्होंने ऐसा किया भी। प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि अब उनका अगला कदम शिक्षकों की सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष कराना रहेगी। प्राचार्य प्रोफेसर सीके गौतम ने बताया कि शिक्षकों और कर्मचारियों के द्वारा कैशलेस इलाज की सुविधा दिए जाने की मांग 30 वर्ष से की जा रही थी लेकिन उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने उसे गंभीरता से लिया। प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के हजारों शिक्षकों के लिए अत्यंत राहत कारी है। पत्रकार वार्ता में स्टाफ क्लब के सचिव प्रोफेसर विजय कुमार सिंह, प्रोफेसर पीवी झा, प्रोफेसर एसके पांडे, प्रोफेसर भूपेंद्र चिकारा, प्रोफेसर पूनम चांद, प्रोफेसर गौरव कौशिक, डॉ. यादवेंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।











