आगरा। नगर निगम की मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने मुख्यमंत्री से नगर निगम में भ्रष्टाचार होने की शिकायत की थी। इसके बाद नगरायुक्त ने एक मामले में जॉंच कराई। हेमा पेट्रोल पंप से पश्चिम पुरी जाने वाले मार्ग के निर्माण में भ्रष्टाचार होने पर इंजीनियर सहित कई अधिकारी और फर्म दोषी पाई गई हैं।
जांच में पाया गया कि सड़क चौड़ीकरण और ब्लैक टापिंग के लिए करीब 53.52 लाख रुपए तथा साइड पटरी पर इंटरलॉकिंग टाइल्स के लिए 69.37 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे। दोनों कार्यों के लिए विधिवत ई टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई थी, लेकिन कार्य के क्रियान्वयन में भारी गड़बड़ी सामने आई। जांच में पाया गया की स्वीकृत स्थल के लगभग 1 किलोमीटर दूर 25 मीटर सड़क का निर्माण कर दिया गया। निर्माण की गुणवत्ता भी बेहद खराब पाई गई। मेयर ने मामले में मुख्यमंत्री से मुलाकात करके शिकायत की थी। इसके बाद यह जांच कराई गई। नगरायुक्त ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि वर्क सुपरवाइजर, अवर अभियंता और सहायक अभियंता ने लापरवाही बरती और भ्रामक जानकारी देकर स्वीकृति हासिल की।










