आगरा। उत्तर प्रदेश को लंबे इंतजार के बाद अपना पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिल गया है। वर्तमान में कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण को प्रदेश का पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है। 1 जून 2025 को उन्हें कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया था।

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से भेजे गए पैनल पर शासन स्तर पर मंथन पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी को ही पूर्णकालिक डीजीपी बनाए जाने पर मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही यूपी को चार साल बाद स्थायी डीजीपी मिल गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। वह आगरा में एडीजी जोन और एसएसपी दोनों ही पद पर रहे हैं। उन्होंने आगरा जोन के एडीजी पद पर रहते हुए तकनीकी और जागरूकता से अपराध व अपराधियों पर शिकंजा कसा था। ऑपरेशन पहचान एप से पुलिस को हाईटेक बनाया था। साइबर अपराध रोकने के लिए पुलिस को तैयार भी किया। मिशन शक्ति पर भी उन्होंने काफी जोर दिया था।
फरवरी 2024 को पुलिस महानिदेशक के सर्वोच्च रैंक पर पदोन्नत हुए थे
गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के मूल निवासी राजीव कृष्णा का जन्म 26 जून 1969 को हुआ था। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। इसके बाद भारतीय पुलिस सेवा के लिए चुने गए। 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी की भर्ती 15 सितंबर 1991 को हुई थी और 21 अक्टूबर 1993 को कन्फर्म हुए तो दस अक्टूबर 1995 को उन्हें सीनियर स्केल मिला। राजीव कृष्णा नौ अगस्त 2005 को वे सिलेक्शन ग्रेड में पहुंचे। अगस्त 2007 को पुलिस उपमहानिरीक्षक और नवंबर 2010 को पुलिस महानिरीक्षक के पद पर प्रमोट हुए। एक जनवरी 2016 को उन्हें अपर पुलिस महानिदेशक का पदभार मिला और एक फरवरी 2024 को पुलिस महानिदेशक के सर्वोच्च रैंक पर पदोन्नत हुए। मुकुल गोयल के मई 2022 से पद से हटने के बाद अब यूपी पुलिस को पूर्णकालिक डीजीपी मिला है। मुकुल गोयल के हटने के बाद से अब तक डीएस चौहान, आरके विश्वकर्मा, विजय कुमार, प्रशांत कुमार कार्यवाहक डीजीपी रहे हैं।










