आगरा। ताजगंज क्षेत्र में जीवा डायमंड ज्वेलरी स्टोर में हुई सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने गिरोह के पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी का सोना, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
फतेहाबाद रोड स्थित जीवा ज्वेलरी स्टोर में सात जुलाई की आधी रात चोरों ने शटर के ताले काटकर डिस्प्ले में रखी सोने-चांदी की ज्वेलरी पार कर दी थी। स्टोर के एसएफसी कर्मचारी की तहरीर पर ताजगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ताजगंज 125 फुटा रोड से पांच आरोपितों को घेराबंदी करके दबोच लिया। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित उमेश शाह, विपत्तीदास, निरंजन कुमार उर्फ विक्की, सर्राफ डब्लू कुमार (सभी बिहार निवासी) और (सुनार) विशाल उर्फ महेश निवासी उत्तम नगर दिल्ली हैं। आरोपितों के कब्जे से 116.3 ग्राम सोने के जेवरात 1.18 लाख भारतीय मुद्रा, 35,000 नेपाली मुद्रा एवं छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वारदात के वक्त गिरोह का एक सदस्य बाहर निगरानी रखता था, जबकि दूसरा सदस्य शटर के आगे सफेद कपड़ा फैला देता था ताकि राहगीरों को अंदर चल रही गतिविधि दिखाई न दे। गिरोह ने बताया कि चोरी के बाद वह सभी बिहार भाग गए थे, जहां उन्होंने चोरी का आधा माल डब्लू सुनार को बेच दिया था। सुनार ने कुछ माल पिघलाकर नेपाल में खपा दिया था। बाकी बचे सोने को बेचने के लिए सुनार के पास पैसे नहीं थे, इसलिए वह इन चोरों के साथ मिलकर बचे हुए सोने को दिल्ली में ठिकाने लगाने जा रहा था, तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस की पूछताछ में गिरोह ने बताया कि वह इससे पहले दिल्ली के नार्थ रोहिणी थाना क्षेत्र में इसी तरह जीवा ज्वेलरी स्टोर से करीब 41 लाख रुपये और प्रीत विहार क्षेत्र में जीवा स्टोर से ही लगभग डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य के आभूषणों की चोरी की थी। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार साथियों छोटू और रियाज की तलाश के साथ ही आरोपितों के आपराधिक इतिहास को खंगालने में जुटी है।










