आगरा। एत्मादपुर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर कांवड़ लेकर जा रहे युवक को एक्टिवा सवार ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद घायल युवक को संभालने के दौरान उसकी बहन ने कांवड़ सड़क किनारे रख दी, जहां कांवड़ खंडित हो गई। कांवड़ खंडित होने की जानकारी मिलते ही साथी कांवड़िये आक्रोशित हो गए और उन्होंने नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पुलिस पहुंच गई और बड़ी मुश्किल से मामला संभाला।
मामला राधे-राधे हॉस्पिटल के सामने का है। शमसाबाद क्षेत्र के ज्ञान सिंह की घड़ी गांव के रहने वाले कांवड़िये कासगंज से कांवड़ लेकर अपने गांव लौट रहे थे। कांवड़ियों के जत्थे में युवक की बहन पूजा भी शामिल थीं और वह भी कांवड़ लेकर चल रही थीं। बताया गया है कि युवक अपनी बहन पूजा को खाना देने के लिए जा रहा था। इसी दौरान राधे-राधे हॉस्पिटल के सामने एक एक्टिवा सवार ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने से युवक सड़क पर गिर गया और उसके शरीर में हल्की चोटें आईं। भाई को सड़क पर गिरा देखकर पूजा उसे उठाने के लिए दौड़ीं। घायल भाई को संभालने के दौरान उन्होंने अपनी कांवड़ सड़क किनारे रख दी। इसी दौरान कांवड़ खंडित हो गई। कांवड़ टूटने की खबर जैसे ही साथ चल रहे अन्य कांवड़ियों को मिली, वे नाराज हो गए। कांवड़ खंडित होने से आक्रोशित कांवड़ियों ने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। अचानक हाईवे पर कांवड़ियों के रुकने और हंगामा करने से यातायात प्रभावित हो गया। दोनों ओर वाहनों की कतार लगने लगी और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की जानकारी मिलते ही एत्मादपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पहले कांवड़ियों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और उन्हें समझाया कि मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाए। थाना प्रभारी आलोक कुमार सिंह ने बताया कि एक्टिवा की टक्कर से युवक को मामूली चोट आई थी। कांवड़ खंडित होने के बाद कांवड़ियों की आस्था को देखते हुए पुलिस ने नई कांवड़ लाने की व्यवस्था की। पुलिस की गाड़ी से दो कांस्टेबल और तीन कांवड़ियों को कासगंज भेजा गया, ताकि वहां से नई कांवड़ लेकर वापस आया जा सके। पुलिस की इस पहल से कांवड़ियों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने हाईवे से जाम हटा लिया।









