आगरा। सिकंदरा में यमुना में 11 महीने की बेटी को फेंकने के मामले में खुलासा हुआ है कि पिता को यह शक था की बेटी उसकी नहीं है। वह अपनी पत्नी पर शक करता था। उसकी बेटी नहीं होने का शक होने के चलते उसने बेटी को यमुना में फेंक दिया। उसने पत्नी को भी मारने की साजिश रची थी लेकिन भीड़ ने पत्नी को बचा लिया।
बल्देव के बादमगढ़ी के रहने वाले रिंकू शुक्रवार को पत्नी लक्ष्मी और 11 महीने की बेटी के साथ बाइक से आगरा के लिए निकला था। उसने पत्नी से बच्ची के लिए कपड़े खरीदने की बात कही थी। सिकंदरा के अकबरा पुल पर पहुंचने के बाद फोटो खींचने के बहाने उसने पत्नी से बच्ची को लेकर उसे यमुना में फेंक दिया। इसके बाद पत्नी लक्ष्मी को भी धक्का देने की कोशिश की। पत्नी के शोर मचाने पर वहां भीड़ एकत्रित हो गई और आरोपी को पकड़ लिया। उसे पुलिस के हवाले कर दिया। बेटी को यमुना में फेंके जाने का मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़े हुए है। हर कोई कलयुगी पिता को कोस रहा है। लक्ष्मी का आरोप है कि 6 से 7 महीने से उसका और उसके पति के बीच में विवाद चल रहा है। उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है। वह 6 महीने तक मायके में रही थी। 20 दिन पहले ही ससुराल आई है। उसका यह भी कहना है कि रिंकू बेटी के जन्म से खुश नहीं था और आए दिन मारपीट करता था। बाद में उसके चरित्र पर भी शक करने लगा था और बच्ची को अपना नहीं मानता था। शुक्रवार को वह प्लानिंग करके उन्हें कपड़े खरीदने के लिए ले गया। 17 अगस्त को बेटी का जन्मदिन था। इसलिए वह कपड़े लेने के लिए चले गए, उन्हें क्या पता था कि वह बेटी को मार डालेगा। इधर पुलिस के द्वारा बच्ची की तलाश की जा रही है लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।











