आगरा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को कल स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। आगरा में चिकित्सक के अपहरणकर्ताओं को मुठभेड़ में ढेर करने वाले तत्कालीन एसएसपी सहित पांच पुलिसकर्मियों को भी वीरता पदक मिलेगा। इनमें दो वर्तमान में आगरा में ही तैनात हैं। एक एडीजी ऑफिस में तैनात इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार और दूसरे एसटीएफ आगरा यूनिट में तैनात हेड कांस्टेबल प्रशांत कुमार हैं। एक अन्य हेड कांस्टेबल आदेश त्रिपाठी गाजियाबाद में तैनात है। वही मुठभेड का नेतृत्व करने वाले तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी मुरादाबाद में डीआईजी रेंज, एसपी पश्चिम सत्यजीत गुप्ता कानपुर में डीसीपी के रूप में तैनात हैं।
ट्रांस यमुना कालोनी स्थित एक नर्सिंग होम के मालिक डा. उमाकांत गुप्ता को मंगला नाम की एक युवती ने हनी ट्रैप में फंसाया था। जुलाई 2021 में चिकित्सक को बुलाकर उनका अपहरण कर लिया था। अपहरण कर्ताओं को पकड़ना पुलिस के लिए बड़ा चुनौती का पल था। पुलिस ने जगनेर के कछपुरा के जंगल में दो बदमाशों की घेराबंदी की थी। दस्यु केशव गुर्जर का गुर्गा बदन सिंह और अक्षय को ढेर किया था। बदमाशों से साहसिक मुठभेड़ के लिए भारत सरकार की ओर से गैलेंट्री पदक प्रदान किया गया है। इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार सर्विलांस में मास्टर माने जाते हैं। वह मूल रूप से अलीगढ़ के रहने वाले हैं और 1999 बैच के हैं। यह आगरा में एत्माउद्दौला, न्यू आगरा, सदर, जगनेर में थाना प्रभारी भी रहे हैं। 26 जनवरी 2020 को उन्हें सिल्वर कमेंडेशन डिस्क से भी सम्मानित किया जा चुका है।










