आगरा। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर रविवार को आगरा आए। उन्होंने यहां भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने यह भी कहा कि देश में अघोषित इमरजेंसी और हिटलरशाही जैसे हालात हैं। ऐसे हालात के खिलाफ सभी को लड़ना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वह संसद से लेकर सड़क तक सरकारी स्कूलों की बदहाली का मुद्दा उठाएंगे।
सांसद चंद्रशेखर सूरसदन ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय नव जागृति कठेरिया समाज महासभा के आठवें स्थापना दिवस समारोह में पहुंचे। उन्होंने युवाओं से पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा मेरे पैर छूने या कंधे पर हाथ रखने से कोई बड़ा नेता नहीं बन जाएगा। किताबें पढ़नी होगी, तभी आगे बढ़ पाएंगे। इधर सर्किट हाउस में उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कई स्कूलों में बिल्डिंग नहीं है तो कई में शिक्षक नहीं हैं। सरकार ने मीडिया के स्कूलों में जाने पर रोक लगा दी है। जिससे वहां की वास्तविक स्थिति सामने ना आ सके। हालांकि जनप्रतिनिधियों को स्कूल में जाने से नहीं रोका जा सकता है। मैं खुद स्कूलों का निरीक्षण करूंगा और वहां की समस्याओं को उठाऊंगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार छात्र आंदोलन से डरी हुई है। छात्रों को बांटने के लिए आरक्षण के मुद्दे को हवा दी जा रही है। चीनी के बढ़ते दामों को लेकर उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा चीनी के दाम बढ़ने का फायदा पूंजीपतियों और व्यापारियों को मिल रहा है। जबकि किसान के गन्ने के दाम में उसी हिसाब से बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें एक महीने के लिए ताकत दीजिए। हम 7 दिन में ऐसी व्यवस्था तैयार कर देंगे कि बाकी 23 दिन में अगर किसी ने समाज के लोगों की तरफ आंख उठा कर देखा तो वह चैन से नहीं सो पाएगा। अगर हम ऐसा नहीं कर पाए तो अगले दिन इस्तीफा देकर राजनीति छोड़ देंगे।











