नई दिल्ली। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष की जमानत रद्द हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए आशीष को एक हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़ित पक्ष को नहीं सुना। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीड़ित परिवार के पक्ष और बाकी तमाम बिंदुओं पर विचार करते हुए आशीष की जमानत तत्काल रद्द की जाती है।
आशीष मिश्रा के लिए राहत की एक खबर यही है कि वह फिर से जमानत की अपील कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि नए सिरे से जमानत के लिए वह फिर से इलाहाबाद कोर्ट में फ्रेश याचिका दायर कर सकते हैं। उस पर हाईकोर्ट फिर से विचार कर सकता है। तो, एक दरवाजा आशीष मिश्र के लिए अब भी खुला हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शाश्वत आनंद का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब आशीष के पास 4 ही रास्ते बचते हैं। सरेंडर करने की अवधि बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सामने अर्जी डाल सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू/रीकॉल अर्जी दाखिल कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट से रिव्यू/रीकॉल एप्लिकेशन खारिज होने के बाद 5 जजों के सामने क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट से क्यूरेटिव पिटिशन भी खारिज होने पर, कुछ समय बाद दोबारा फ्रेश बेल एप्लिकेशन डाल सकते हैं। शाश्वत आनंद ने कहा कि ये देखने वाली बात होगी कि फ्रेश बेल एप्लिकेशन डालते वक्त, पिछली बेल एप्लिकेशन के बाद से बदली हुई परिस्थितियों को भी दिखाया गया है कि नहीं।











