आगरा। आगरा कॉलेज के छात्रों पर समय से पहले पेपर पहुंचने का मामला तूल पकड़ रहा है। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा विश्वविद्यालय को लापरवाही का जिम्मेदार बताया जा रहा है। आज कलेक्ट्रेट में पहुंचकर पदाधिकारियों ने प्रदर्शन कर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।
पदाधिकारियों ने कहा कि एक तरफ जहां नवीन शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर शिक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पेपर लीक में संलिप्त सभी व्यक्तियों के ऊपर कठोर कानूनी कार्रवाई हो ताकि वे भविष्य में शिक्षा के साथ खिलवाड़ करने के कुकृत्य की पुनरावृत्ति ना कर सकें। प्रांत सह मंत्री, केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य प्रियंका तिवारी ने कहा की पेपर लीक की घटना न केवल आगरा कॉलेज में बल्कि अन्य महाविद्यालयों में भी दो-तीन दिन पहले से हो रही थी और छात्रों के मोबाइल पर भी पेपर पहुंच रहे थे। इस बात की सूचना महाविद्यालयों के व्यक्तियों द्वारा विश्वविद्यालय के उच्चाधिकारियों व प्रशासन को दी गई लेकिन वह चैन की नींद सोता रहा।
महानगर मंत्री कर्मवीर बघेल ने कहा ऐसी घटनाओं से कहीं ना कहीं पूरे साल भर मेहनत कर परीक्षा देने वाले छात्रों का मनोबल टूटता है। ज्ञापन देने वालों में विभाग छात्रा प्रमुख तान्या सिंह,सह मंत्री सुब्रत हरदेनियाँ, सुमित शर्मा, रोनित परमार, आकाश शर्मा, आर्यन राजपूत, शिवम, मुकेश सिसोदिया कुलदीप वर्मा आदि उपस्थित रहे।











