आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में पूर्व कुलपति सहित तीन प्रोफेसरों की विजिलेंस जांच शुरू होने से खलबली मच गई है। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अशोक मित्तल ऐसे तीसरी कुलपति हैं, जिनकी विजिलेंस जांच शुरू हुई है। पूर्व कुलपति प्रोफेसर अशोक मित्तल को भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताएं करने के चलते हटा भी दिया गया था।
एसपी विजिलेंस ने कुलसचिव से प्रोफेसर मनु प्रताप, प्रोफेसर पीके सिंह, प्रोफेसर अनिल वर्मा की वर्ष 1997 में हुई नियुक्तियों से संबंधित पत्रावली मांगी हैं। इसके साथ ही वर्ष 2018-19 में एलएलएम के छात्रों के प्रवेश संबंधी पत्रावली, सीट का विवरण, उपस्थिति रजिस्टर, परीक्षा कराए जाने संबंधी अभिलेख आदि भी मांगे गए हैं। डॉ. अरविंद मिश्रा को कोऑर्डिनेटर बनाए जाने के संबंधी आदेश, 2019 की परीक्षाओं के लिए श्रीराम यादव महाविद्यालय पटियाली एटा, श्री राम सोमवती यादव महाविद्यालय एटा, श्री जगन्नाथ प्रसाद महाविद्यालय, भवानी सिंह महाविद्यालय टेडी बगिया आगरा को परीक्षा केंद्र बनाने के आदेश भी मांगे गए हैं। इसके साथ ही विश्वविद्यालय से 103 अतिथि प्रवक्ताओं की नियुक्ति और पूर्व कुलपति प्रोफेसर अशोक मित्तल से संबंधित कई जानकारी मांगी गई हैं।











