आगरा। एक युवती और तीन अधिवक्ताओं ने एक युवक और उसके परिजनों को फर्जी दुष्कर्म के मुकदमे में फंसा दिया था। युवक से पांच लाख रुपये भी वसूल लिए थे। पुलिस ने तीनों अधिवक्ताओं सहित युवती को जेल भेज दिया है। पुलिस को यह भी पता चला है कि जिन तीन अधिवक्ताओं को जेल भेजा गया है, उनमें से एक अधिवक्ता 3 साल पहले दुष्कर्म के मामले में जेल जा चुका है।
24 जून को अंजलि नामक युवती ने पुलिस को सूचना दी थी कि परिचित राहुल उसे 26 अप्रैल को अपने जन्मदिन की पार्टी बताकर आईएसबीटी स्थित एकता होटल में ले गया था और कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। मोबाइल से फोटो और वीडियो भी बना लिए, जिन्हें वायरल करने की धमकी देने लगा। इंस्पेक्टर हरीपर्वत अरविंद कुमार ने जांच की तो पता चला मुकदमा झूठे आरोप लगाकर दर्ज कराया गया है। इसमें कुछ अधिवक्ता भी शामिल हैं। पुलिस ने युवती और तीन वकीलों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार होने वालों में खंदौली निवासी अंजलि, शाहगंज निवासी जितेंद्र राजपूत, पचकुइयां निवासी निशांत कुमार और दुर्गा नगर निवासी शेखर प्रताप हैं। पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया था। अधिवक्ताओं को जेल भेजने के बाद खलबली मची हुई है। इंस्पेक्टर ताजगंज भूपेंद्र बालियान ने बताया कि जेल गए अधिवक्ता जितेंद्र राजपूत ने एक युवती के साथ होटल में दुष्कर्म किया था। वह जेल भी जा चुका है।











