आगरा। बुधवार को पुलिस अपर आयुक्त न्यू आगरा थाने में वार्षिक औचक निरीक्षण पर पहुंचे। पुलिस अपर आयुक्त के पहुंचने पर थाने में खलबली मच गई। निरीक्षण के दौरान 200 से ऊपर पेंडिंग विवेचनाओं की संख्या देखकर वह आग बबूला हो गए। इसके साथ ही कानून की जानकारी के नाम पर कई दरोगाओं का डिब्बा गोल मिला। वह बोले जल्दी ही ओआर करेंगे। तब तक आधे से अधिक विवेचना का निस्तारण नहीं हुआ तो वह कार्रवाई करेंगे।
पुलिस अपर आयुक्त केशव कुमार चौधरी के द्वारा एक-एक कर सभी थानों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को वह न्यू आगरा थाने में पहुंचे। यहां की स्थिति को देखकर वह आश्चर्यचकित रह गए। वर्ष 176 विवेचना पेंडिंग में बताई गई, जो कि जांच में 200 से ऊपर पेंडिंग निकलीं। एक साल में भी विवेचनाओं का निस्तारण नहीं होने पर वह विवेचकों के ऊपर नाराज हुए। एक साल पहले हत्या के दर्ज मुकदमे में पुलिस अभी तक कुछ नहीं कर सकी है। इस बात पर भी वह नाराज हुए। इसके अलावा उनका पारा उस समय चढ़ गया जब उन्हें पता चला कि इंस्पेक्टर क्राइम सहित दो दरोगा गैर थाने में ट्रांसफर होने पर केस डायरी के पर्चे अपने साथ ही ले गए हैं। वह उन्हें थाने में जमा कराने ही नहीं आ रहे हैं। इस वजह से वर्तमान विवेचक विवेचना को आगे नहीं बढ़ा पा रहे। एसीपी को उन्होंने निर्देश दिया कि अगर आज रात तक तीनों के द्वारा पर्चे जमा करा दिए गए तो ठीक है नहीं तो तीनों के खिलाफ आईपीसी 409 के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया जाए। यह सुनने के बाद पुलिसकर्मियों के बीच में खलबली मच गई। पुलिस अपर आयुक्त ने यह भी कहा कि जो लोग लापता हैं वह सिर्फ पोस्टर छपवाने से ही नहीं मिलेंगे, उन्हें खोजने का प्रयास भी करना पड़ेगा। यह भी चेतावनी दी कि वह 10 दिन के अंदर थाने का ओआर करने आएंगे। अगर इस दौरान फिर से उन्हें यह खामियां मिली तो पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान कुछ विवेचक यह भी नहीं बता पाए कि वह कौन-कौन सी विवेचना कर रहे हैं। जिस दरोगा पर ज्यादा विवेचना हैं उन्हें दूसरे दरोगा पर ट्रांसफर करने के लिए उन्होंने इंस्पेक्टर को निर्देशित किया। साथ ही गुंडा एक्ट की कार्यवाही प्रभावी तरीके से की जाए इसके लिए उन्होंने दिशा निर्देश दिए।












