आगरा। आगरा कमिश्नरेट में पुलिस बेलगाम हो गई है। किरावली में किसान के पैर तोड़ने वाली पुलिस के खिलाफ मुकदमा नहीं हुआ तो उसके हौसले बुलंद हो गए हैं। ताजा मामला छत्ता का आया है। दो जनवरी को छत्ता थाने की जीवनी मंडी चौकी पुलिस ने एक दूध विक्रेता को बेरहमी से पीटा। तलवे पर डंडे तोड़ दिए। पिटाई से युवक के पैर के अंगूठे का नाखून उखड़ गया। वह रहम की भीख मांगता रहा लेकिन पुलिस कर्मियों को दया नहीं आई। वह उसे पीटते रहे। आरोप है उसके 1800 रुपए भी लूट लिए। इसके बाद शांतिभंग में चालान कर दिया। दूध विक्रेता का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने टेंपो लेकर साथ चलने से इनकार कर दिया था। इसके पीछे वजह यह थी कि वह टेंपो चलाना नहीं जानता।
सैंया के गांव वीरई निवासी नरेंद्र कुशवाह ने शनिवार को डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास से शिकायत की। बताया कि वह और उसका भाई धीरज कुशवाह आगरा में टेंपो से दूध देने आते हैं। उसे टेंपो चलाना नहीं आता। धीरज ही चलाता है। जीवनी मंडी क्षेत्र स्थित गरीब नगर के बाहर उनका टेंपो खड़ा था। वह टेंपो में बैठा था। धीरज गली में दूध देने गया था। वहां कोई झगड़ा हुआ था। चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार और सिपाहियों ने कुछ लोगों को पकड़ा था। उन्हें लेकर जाने के लिए टेंपो साथ लेकर चलने को कहा। उसने पुलिस कर्मियों से कहा कि उसे टेंपो चलाना नहीं आता। उसका भाई चलाता है। यह बात पुलिस कर्मियों को नागवार गुजरी। मौके पर ही उसके गाल लाल कर दिए। उसे घसीटकर चौकी पर ले आए। चौकी पर चौकी इंचार्ज ने उसे जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा। सिपाहियों ने उसे लेटाकर तलवों पर डंडे बरसाए। दो डंडे टूट गए। वह चीख रहा था मगर पुलिस कर्मियों के उस पर दया नहीं आई। उसने रहम की भीख मांगी। पुलिस वाले कहने लगे जेल में सड़ा देंगे। पुलिस ने शांतिभंग में उसका चालान कर दिया। देर शाम घरवालों ने उसे जमानत पर छुड़ाया। पीड़ित ने भाजपा नेता राकेश कुशवाहा से शिकायत की। उन्होंने मामले में डीसीपी से शिकायत की। पीड़ित ने कहा वह मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों को सामने आने पर पहचान लेगा। डीसीपी सिटी ने आरोपित चौकी इंचार्ज जीवनी मंडी रविंद्र कुमार को निलंबित कर दिया। उसकी जगह गौरव राठी को नया चौकी प्रभारी बनाया गया है।











