आगरा। पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने दुख जाहिर किया है। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए उन्होंने प्रमुख सचिव गृह से भी वार्ता की है। वह मुख्यमंत्री से भी वार्ता के प्रयास में लगी हुई थीं।
गढ़ी हैसिया, डौकी के रहने वाले 52 वर्ष के केदार सिंह गांव में ही आटा चक्की चलाते हैं। केदार सिंह की पत्नी का कहना है कि थाना प्रभारी तरुण, चौकी प्रभारी सिद्धार्थ सिंह, दरोगा शिवमंगल सिंह उनके पति को उठाकर ले गए थे। स्वजन ने कारण पूछा तो पुलिसकर्मी बोले चौकी चलकर बताते हैं। केदार सिंह को बरौली अहीर मोड़ पर पुलिसकर्मियों ने गाडी में पीटना शुरू कर दिया। पीछे आते भाइयों ने पुलिसकर्मियों को टोका तो वह केदार सिंह को चौकी लेकर चले गए। स्वजन का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने चौकी पर केदार सिंह के मुंह में कपड़ा ठूंसकर बर्बरतापूर्ण तरीके से पीटा। शाम चार बजे उसकी हालत बिगड़ने के बाद मृत्यु हो गई। इसके बाद उन्होंने आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे जाम कर दिया। कई किलोमीटर लंबा जाम लग गय।
इधर कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा है कि जनपद आगरा के थाना डौकी अंतर्गत क़बीस पुलिस चौकी पर पुलिस हिरासत के दौरान ग्रामीण की हुई मौत से स्तब्ध हूं। घटना के बाद मृतक के परिवारजनों को घर पर बुलाकर घटना की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। घटना का संज्ञान लेकर तत्काल प्रभाव से गृह सचिव उत्तर प्रदेश संजय प्रसाद से वार्ता की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी घटना से अवगत कराया जा रहा है। मैं आश्वस्त करती हूं कि जो भी पुलिसकर्मी इस घटना के जिम्मेदार होंगे, पूरी निष्पक्षता के साथ उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कानून से बढ़कर कोई नहीं है।












