आगरा। कमला नगर थाने में दर्ज हुए गैंगस्टर के मुकदमे में वांछित चल रहे क्रिकेट के सट्टे के बड़े बुकी अंकुश मंगल ने गुपचुप तरीके से कोर्ट में समर्पण कर दिया है। पुलिस को इस बात की भनक भी नहीं लगी। गैंगस्टर के मुकदमे की विवेचना इंस्पेक्टर सिकंदरा कर रहे हैं। अब वह उसके बयान लेने के लिए कोर्ट में जाएंगे।
जगनेर निवासी अंकुश मंगल ने क्रिकेट, सट्टे और जुए से करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। पुलिस उसके खिलाफ पूर्व में गैंगस्टर एक्ट में संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई भी कर चुकी है। जून 2022 में पुलिस ने उसे फरीदाबाद से पकड़कर जेल भेजा था। जेल से रिहाई के बाद वह आगरा से बाहर चला गया था। उसके गुर्गे आगरा में ही सट्टे का काम कर रहे थे। सितंबर 2023 में तत्कालीन इंस्पेक्टर कमला नगर आनंद वीर सिंह ने गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा लिखाया था। अंकुश मंगल को उसमें गैंग लीडर बनाया था। मुकदमे में अंकित गर्ग, रिंकू कुमार सिंघल, अरुण शर्मा, वरुण अग्रवाल, सोनू अग्रवाल को नामजद किया गया था। विवेचना इंस्पेक्टर सिकंदरा नीरज कुमार शर्मा को मिली थी। तीन आरोपियों ने पूर्व में कोर्ट में समर्पण किया था। अंकुश मंगल के पास 31 मई तक का कोर्ट से स्टे था। दो आरोपियों को अभी कोर्ट से राहत मिली हुई है। उनकी गिरफ्तारी पर रोक है। अंकुश मंगल का स्टे खत्म होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस पकड़ती इससे पहले उसने समर्पण कर दिया।











