आगरा। शांति मांगलिक हॉस्पिटल की चिकित्सक और ऑपरेशन थिएटर में मौजूद स्टाफ के खिलाफ उपचार में लापरवाही बरतने पर गंभीर धाराओं में कोर्ट के आदेश पर ताजगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है।
अविनाश सेंगर पुत्र गजेंद्र पाल सिंह निवासी जयपुरिया शमशाबाद रोड ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था कि 21 मई 2022 को सुबह 11:00 बजे वह अपनी पत्नी प्रियंका सेंगर को शांति मांगलिक हॉस्पिटल में दिखाने के लिए ले गए थे। चिकित्सक ने कहा कि स्थिति सामान्य है। इसके एक दिन बाद हम फिर हॉस्पिटल में जांच के लिए गए। मेरी पत्नी की तबीयत खराब बताकर एडमिट कर लिया गया। इसके बाद चिकित्सक डॉ. अनुप्रिया सिंह ने पत्नी को कुछ दवाएं दी और इंजेक्शन लगाए, जिस कारण उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। दो दिन बाद स्थिति और ज्यादा खराब हो गई। डॉक्टर अनुप्रिया सिंह ने कहा कि शायद प्रियंका को दवा सूट नहीं कर रही है। इसलिए अल्ट्रासाउंड करा लेते हैं। 23 मई 2022 को प्रियंका का शांति मांगलिक हॉस्पिटल में ही अल्ट्रासाउंड कराया गया। अल्ट्रासाउंड के बाद बताया गया कि लगभग साढ़े सात महीने के बच्चे हैं। थोड़ा दबा का गलत असर हो गया है। घबराने की कोई बात नहीं है। इधर प्रियंका को डॉक्टर अनुप्रिया सिंह के द्वारा दी गई दवाओं की वजह से अधिक बेचैनी और घबराहट होने लगी। 29 मई को चिकित्सक डॉक्टर अनुप्रिया सिंह ने कहा कि आज मेरी बच्ची का जन्मदिन है। मैं बाहर जा रही हूं। इसलिए आज ही जुड़वा बच्चों का ऑपरेशन करना होगा। इसके अलावा दवाओं के साइड इफेक्ट से गर्भ में बच्चों को परेशानी भी हो सकती है। मैंने डॉक्टर अनुप्रिया सिंह के दबाव में ऑपरेशन करा दिया। ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक से पत्नी की आंतों में ब्लेड लग गया जिसको छुपाते हुए टांके लगाकर चिकित्सक ने कहा कि प्रियंका सही है। बाद में प्रियंका की हालत बिगड़ने पर दूसरे चिकित्सक को दिखाया गया तो उन्होंने बताया कि इनकी आंतों में इंफेक्शन फैल गया है। आतें कटी नहीं है। आपने जहां पर ऑपरेशन कराया था उनसे आंत में ब्लेड लग गया है। डॉक्टर लाजपत राय ने आंतों की सिलाई की। इधर इंफेक्शन की वजह से गॉलब्लेडर भी उन्हें निकालना पड़ा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां दिए गए प्रार्थना पत्र में उन्होंने कहा कि डॉक्टर की लापरवाही से उनकी पत्नी की जान भी जा सकती थी। मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर ताजगंज थाने में डॉक्टर अनुप्रिया सिंह और ऑपरेशन थिएटर में मौजूद स्टाफ के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया है।











