आगरा। विजिलेंस ने सोसाइटी एवं चिटफंड कार्यालय में तैनात एक बाबू को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा है। पूर्व में भी यहां एक बाबू रिश्वत लेते हुए पकड़ा जा चुका है। सूत्रों का कहना है कि चिटफंड कार्यालय भ्रष्टाचार का बड़ा अड्डा बन गया है।
सोसाइटी एवं चिटफंड कार्यालय में अजय कुमार यादव लिपिक पद पर तैनात हैं। मथुरा के गोकुल निवासी भवानी शंकर से काम करने के बदले बाबू ने दो लाख रुपए रिश्वत मांगी थी। बाबू ने 25 सितंबर को एक लाख रुपए दे दिए थे। बाकी रकम बाद में देने की बात हुई थी। पीड़ित ने इसी बीच विजिलेंस में शिकायत कर दी।विभाग ने बाबू को रिश्वत लेते पकड़ने के लिए जाल बिछाया और बाबू को रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।











