आगरा। आगरा मंडल में जनशिकायतों के निस्तारण और राजस्व वसूली की स्थिति को लेकर मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बैठक की।
लघु सभागार में आयोजित मंडल स्तरीय आईजीआरएस समीक्षा बैठक में शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में कमी, शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने और फीडबैक कमजोर रहने पर आयुक्त ने कई विभागों के अधिकारियों को फटकार लगाई। आयुक्त ने उप श्रमायुक्त, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी, अधीक्षण अभियंता सिंचाई, संयुक्त शिक्षा निदेशक, पर्यटन अधिकारी, मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी, उप निदेशक मंडी, अधिशासी अभियंता जलनिगम (नगरीय) सहित अन्य अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों में तत्काल शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक की शुरुआत कर वसूली की समीक्षा से हुई। वाणिज्य कर में आगरा लक्ष्य के सापेक्ष काफी पीछे पाया गया, जबकि मैनपुरी में भी गत वर्ष की तुलना में प्रगति कम रही। आयुक्त ने सभी पैरामीटर्स में सुधार लाने के निर्देश दिए। आगरा में आरसी वसूली बेहद कम होने पर विशेष नाराजगी जताई गई और मथुरा में भी वसूली बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास करने को कहा गया। स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन में आगरा लक्ष्य से पीछे रहा, वहीं फिरोजाबाद की प्रगति सुधारने के निर्देश दिए गए। आबकारी मद में भी वसूली बढ़ाने पर जोर दिया गया। परिवहन मद में आगरा और मथुरा लक्ष्य से पीछे रहे, जिस पर अधिक से अधिक आरसी वसूली के निर्देश दिए गए। विद्युत मद में फिरोजाबाद की प्रगति बढ़ाने और आगरा में सर्वाधिक आरसी बकाया होने पर अपर जिलाधिकारी के समन्वय से लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। खनिज मद में फिरोजाबाद और मथुरा तथा विधिक माप विज्ञान में चारों जनपदों की वसूली प्रगति सुधारने के निर्देश जारी किए गए।
आईजीआरएस रैंकिंग पर चिंता, फीडबैक सुधारने के निर्देश
आईजीआरएस समीक्षा में मंडलीय प्रभारी/अपर आयुक्त ने अवगत कराया कि वर्तमान रैंकिंग में मैनपुरी 6वें, फिरोजाबाद 22वें, मथुरा 27वें और आगरा 42वें स्थान पर है। मंडल की रैंक इस माह गिरकर 15वें स्थान पर पहुंचने पर आयुक्त ने असंतोष जताया। उन्होंने जनपदवार संतोषजनक फीडबैक प्रतिशत बढ़ाने, हर शिकायत में शिकायतकर्ता से संपर्क करने और अधिकारीवार असंतोषजनक फीडबैक की गहन समीक्षा कर सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।











