आगरा। अधिशासी अभियंता विद्युत को बंधक बना मारपीट करने, मुंह काला करने, शासकीय कार्य में बाधा एवं अन्य आरोप में आरोपित कांग्रेस नेता राम टंडन सहित चार अन्य को सबूत के अभाव में एसीजेएम कोर्ट ने घटना के 31 वर्ष उपरांत बरी कर दिया है।
थाना न्यू आगरा में आर एस गुप्ता व ओपी एस तोमर ने 17 जुलाई 1992 को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेता राम टंडन ने उन्हें कार्यालय में जाने से रोक लिया। परिचय देने के बाद भी कांग्रेस नेताओं ने उन्हें जीप से उतार उनके साथ अभद्रता, मारपीट एवं मुंह काला कर उन्हें विद्युत सब स्टेशन में बंधक बना लिया। धक्का मुक्की के दौरान वादी के कपड़े भी फट गये। भीड़ में शामिल व्यक्ति द्वारा उन्हें जबरन ज्ञापन भी दिया गया। भीड़ में से किसी ने कहा कि इन्हें कमरे में बंद कर आग लगा दो। आत्म रक्षा हेतु चीखने चिल्लाने पर विद्युत कर्मचारियों द्वारा संघर्ष एवं विरोध कर वादी को वहां से निकाल उनकी जान बचाई। कांग्रेस नेता राम टन्डन, योगेश पांडेय, अमर सिंह, राजेन्द्र शर्मा, नागेंद्र शर्मा, मुकेश शर्मा, राम मोहन, अन्नू तिवारी, राज कुमार गोयल, एवं ऋषि शर्मा कें विरुद्ध बलवा, मारपीट, धमकी ,शासकीय कार्य में बाधा, बंधक बनाने की धारा में मुकदमा दर्ज हुआ। अदालत में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। उक्त मामले में कई कांग्रेस नेताओं के अदालत में हाजिर ना होने पर राम टंडन, राजकुमार गोयल, अमर सिंह, राजेन्द्र शर्मा, एवं नागेंद्र शर्मा की पत्रावली अन्य अभियुक्तों से पृथक कर दी गयी। आरोपी नागेंद्र शर्मा की मुकदमे के विचारण के दौरान म्रत्यु हो जाने पर अदालत ने उसके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त कर दी गयी। 31 वर्ष पुराने मामले में अभियोजन पक्ष कई अवसर के बावजूद एक भी गवाह अदालत में पेश नहीं कर सका।
एसीजेएम- 4 अजय कुमार ने आरोपियों के वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार शर्मा के तर्क एवं सबूत के अभाव में कांग्रेस नेता राम टंडन, राजकुमार गोयल, अमर सिंह, एवं राजेन्द्र शर्मा को बरी करने के आदेश दिये।











