-गौरव प्रताप सिंह-
आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर पर फर्जी डिग्री बनवाने का आरोप लगा है। मामले में राजभवन में शिकायत हुई है। शिकायत पर जांच शुरू हो गई है। अगर प्रोफेसर पर आरोप सही पाए गए तो उन पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
शिकायतकर्ता ने राज भवन में की गई शिकायत में कहा है कि वर्ष 2014 में केएमआई से एक छात्रा ने एमफिल किया था। एमफिल की परीक्षा में उसने अपना लघु शोध प्रबंध जमा नहीं किया था, जिसके कारण उसकी मौखिक परीक्षा संपन्न नहीं हो सकी थी। इस वजह से उसका रिजल्ट भी रुक गया था। आरोप है कि कार्यालय की मिलीभगत से छात्रा ने लघु शोध प्रबंध में 78 तथा मौखिक परीक्षा में 80 अंक दर्शाकर अपनी अंक तालिका बनवा ली थी। इसी मार्कशीट को लगाकर उन्होंने डिग्री के लिए आवेदन कर दिया था। मूल चार्ट में लघु शोध प्रबंध एवं मौखिक परीक्षा के अंक नहीं चढ़े थे, जिस वजह से उसकी डिग्री नहीं बन रही थी। आरोप है कि एक प्रोफेसर से उसकी 25 हजार में डील हो गई। प्रोफेसर की सलाह के बाद छात्रा ने कोर्ट में वाद दायर कर दिया। समाधान के लिए प्रोफेसर ने अभिलेखों में कूट रचना कर फर्जी अंक दर्शाकर डिग्री बनवाकर कोर्ट में जमा कर दी। शिकायतकर्ता द्वारा कहा गया है कि उसकी शिकायत में पूरी सच्चाई है। शिकायतकर्ता की शिकायत के बाद राजभवन के द्वारा मामले में जांच शुरू करा दी गई है।











