आगरा। धर्मांतरण गैंग का कनेक्शन पाकिस्तान से भी जुड़ा हुआ था। ऐसा पुलिस पूछताछ में सामने आ रहा है। इसके साथ ही धर्मांतरण गैंग ने अपना टारगेट भी तय कर रखा था। वर्ष 2050 तक देश भर में लोगों को इस्लाम से जोड़ना उनका उद्देश्य था। युवतियों से पूछताछ में इस बात की जानकारी हुई है।
सदर थाना क्षेत्र की रहने वालीं दो युवतियां 24 मार्च को लापता हुई थीं। उनके पिता ने उसी दिन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में उन्हें जानकारी हुई कि उधमपुर (जम्मू कश्मीर) की साईमा उर्फ खुशबू उनकी बेटियों को धर्मांतरण कराके शादी कराने के लिए बहला फुसला कर ले गई है। आगरा पुलिस ने लापता दोनों बहनों को कोलकाता से बरामद किया। इसके बाद चौंकाने वाला सच सामने आया। सच सामने आने के बाद पुलिस ने छह राज्यों में ताबड़तोड़ दबिश देकर धर्मांतरण कराने वाले इस गिरोह के सरगना समेत 10 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह आईएसआईएस आतंकी संगठन के मॉडयूल पर काम कर रहा है। इसके प्रतिबंघित संगठन पीएफआई, एसडीपीआई और पाकिस्तान की एजेन्सियों से जुड़े होने के साक्ष्य भी मिले हैं। इस गिरोह को कनाडा, अमेरिका, पाकिस्तान समेत कई देशों से फंडिंग की जा रही थी। पुलिस ने गैंग के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान और उनके दोनों बेटों सहित दलित युवती से जबरन विवाह करने वाले जुनैद को भी गिरफ्तार किया है। अब तक पुलिस ने मामले में 14 गिरफ्तारी की हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया है की गैंग के द्वारा 6 से 7 राज्यों में युवतियों का धर्मांतरण कराया गया है।
शनिवार को पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने पत्रकार वार्ता में बताया यह एक संगठित ग्रुप है, जो अब्दुल रहमान निवासी दिल्ली एवं आयशा निवासी गोवा के नेतृत्व में कार्य कर रहा था। धर्मांतरण की शिकार युवती ने पूछताछ में बताया कि जब वह कश्मीर में रहती थी तो उसके दोस्तों ने उसे दावाह के लिए बुलाया था। बताया कि 2050 तक पूरे भारतवर्ष में इस्लाम को हम लोग फैलाएंगे। पुलिस के अनुसार दावाह इस्लाम की एक प्रथा है, जिसमें इस्लाम को मानने वालों द्वारा अन्य धर्म के लोगों को बौद्धिक विमर्श के लिए आमंत्रित किया जाता है। इनके बौद्धिक विमर्श के बाद अपने धर्म में इनको शामिल करते हैं। पुलिस के अनुसार जितनी भी लड़कियों और लड़कों का धर्मांतरण कराया गया, उन सभी ने बताया कि पहले उनके दोस्त दावाह के लिए बुलाते हैं। इसके बाद अपने धर्म की अच्छाइयां व दूसरे धर्म के प्रति नकारात्मक बातों को दिमाग में भरा जाता है। यदि किसी को अपने परिवार से कोई समस्या है तो परिवार के बारे में भी नकारात्मक बातें दिमाग में भरते हैं। जो लोग इस कार्य में शामिल हैं वो लोग थाना, न्यायालय, अस्पताल एवं बगीचे आदि जैसी जगहों पर सक्रिय रहते हैं। इन जगहों पर दुखी लोग ज्यादा जाते हैं। इन लोगों का दावाह के माध्यम से धर्मांतरण का प्रयास किया जाता है।
इधर रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि गैंग का कनेक्शन पाकिस्तान से भी है। पाकिस्तान के दो सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर भी गैंग से जुड़े थे। जिन युवतियों का धर्म परिवर्तन कराया जाता था उनको पाकिस्तान में बैठे लोगों से बात कराई जाती थी। वह उनके ब्रेन वॉश करते थे। इसके अलावा आगरा का रहने वाला रहमान क्राउड फंडिंग के माध्यम से रुपए जमा करता था। उसने फिलिस्तीन के लिए भी क्राउड फंडिंग की थी। धर्म परिवर्तन के लिए 14 से 25 साल तक के युवाओं को टारगेट करते हैं। इसके लिए ऑनलाइन गेम का सहारा लेते हैं। पाकिस्तानी ऑनलाइन गेम लूडो स्टार के माध्यम से यह लोग संपर्क करते थे। इस ऐप पर लूडो खेलने वाले हिंदू लड़के लड़कियों के साथ गेम के माध्यम से जुड़ते थे। इसके बाद उनको मैसेज भेजना शुरू करते थे, जो भी उनके द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करता था उससे बातचीत शुरू कर देते थे।











