आगरा। नवागत पुलिस कमिश्नर जुआ-सट्टा, अवैध खनन, गौकशी सहित सभी अवैध कार्य पूरे तरीके से बंद करना चाहते हैं। इसे लेकर मंगलवार सुबह उन्होंने थाना प्रभारियों को मैसेज किया है। मैसेज देखने के बाद थाना प्रभारियों के बीच में खलबली मच गई। कुछ ने जुआ-सट्टा और अवैध कार्य करने वालों से मना कर दिया है कि अभी वह यह कार्य बंद कर दें। विभाग में चर्चा है कि कुछ ने पुलिस कमिश्नर का मैसेज दिखाकर रेट बढ़ा दिए हैं। कहा गया है कि अब रिस्क दूना हो गया है। यह वह थाना प्रभारी हैं जो किसी कार्रवाई से नहीं डरते हैं। पैसा ही उनके लिए सब कुछ है।
नवागत पुलिस कमिश्नर जे रविन्द्र गौड की गिनती ईमानदार आईपीएस अधिकारियों में होती है। वह भ्रष्टाचार को लेकर बेहद सख्त रहते हैं। वह अनुशासित और साफ सुथरी पुलिसिंग चाहते हैं। वह जिन-जिन जिलों में रहे हैं वहां पर भ्रष्टाचार पर काफी हद तक अंकुश लगाया है। आगरा में भी उन्हें मुख्यमंत्री ने टास्क देकर भेजा है। कुछ ही दिनों में उन्होंने अपनी एक अलग ही छाप भी छोड़ दी है। पुलिस कमिश्नर ने सबसे पहले थाना प्रभारी को यह मैसेज दिया कि वह जनता की सुनवाई करें। वह हर थाना प्रभारी के पास सुबह 10:00 बजे इस बात की जानकारी के लिए फोन कराते हैं कि वह अभी तक अपनी कुर्सी पर बैठे हैं या नहीं। इधर बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह थाना प्रभारियों की आंख खुलने से पहले ही उन्होंने एक ऐसा मैसेज डाला, जिसको देखते ही थाना प्रभारी के बीच में खलबली मच गई। पुलिस कमिश्नर ने अपने मैसेज में लिखा है कि जुआ सट्टा पूरी तरह समाप्त होना चाहिए। अवैध शराब की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए। गौकशी, गौतस्करी समाप्त होनी चाहिए। पब्लिक की शिकायत का समाधान थाने में ही होना चाहिए। उन्होंने यह भी लिखा है कि पुलिस फोर्स में डिसिप्लिन हर लेवल पर जरूरी है। अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अंत में उन्होंने लिखा है कि 100 प्रतिशत कंप्लायंस कराना सुनिश्चित किया जाए। मैसेज को देखने के बाद जो थाना प्रभारी अपने ऊपर कार्रवाई के डर से डरते हैं उन्होंने गलत कार्य करने वालों को अवगत करा दिया है कि अब तक हुआ जो हुआ। लेकिन अब सब बंद होना चाहिए नहीं तो हम ही जेल चले जाएंगे। वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि पुलिस कमिश्नर के मैसेज को कुछ थाना प्रभारी ऐसे हैं जो अवैध खनन और जुआ सट्टा वालों को दिखाकर उनसे बोल रहे हैं कि हमारा रिस्क दोगुना हो गया है। इसलिए महीनेदारी भी दोगुनी होनी चाहिए। यह वह पुलिस कर्मी हैं जिनकी कार्यशैली जेल गए जितेंद्र की तरह है। चर्चाएं हैं कि इनमें से अधिकतर चर्चित के आशीर्वाद से प्रभारी बने हैं। अभी भी वह पुलिस कमिश्नर से ज्यादा चर्चित को तवज्जो दे रहे हैं।
संलिप्त पाए जाने पर पुलिस कमिश्नर भेजेंगे जेल
पुलिस कमिश्नर हर हाल में बेहतर पुलिसिंग चाहते हैं। कार्यभार ग्रहण करने के बाद वह पत्रकार वार्ता में यह स्पष्ट कर चुके हैं कि गलत काम करने वालों के साथ जिन पुलिस कर्मियों की संलिप्तिता पाई जाएगी। उन्हें वह जेल भेज देंगे। पुलिस कमिश्नर के बारे में बताया भी जाता है कि वह भ्रष्टाचार को लेकर काफी गंभीर रहते हैं। भ्रष्टाचार करने वालों पर वह कड़ी कार्रवाई करते हैं। आने वाले दिनों में इस बात के उदाहरण भी देखने को मिलना शुरू हो जाएंगे।
गंभीर अपराधों की विवेचना थाना प्रभारी करेंगे
पुलिस कमिश्नर के द्वारा आदेश दिया गया है कि गंभीर अपराधों जैसे लूट, डकैती, बलात्कार, एनडीपीएस आदि की विवेचना सिर्फ थाना प्रभारी के द्वारा ही की जाएगी। अभी तक देखने को मिलता था। हत्या की विवेचना ही थाना प्रभारी करते थे। अन्य विवेचना दरोगा करते थे। ट्रांस यमुना थाने में एक गैंगरेप का मुकदमा दर्ज हुआ था। थानाध्यक्ष ने विवेचना एक दरोगा को दे दी थी। दरोगा ने गैंगरेप की धारा हटा दी थी और सिर्फ धमकी की धारा में चार्जशीट लगा दी। मामला सुर्खियों में आने के बाद पुनः विवेचना हुई थी और थानाध्यक्ष को फटकार पड़ी थी।
कई थानाध्यक्ष पर कार्रवाई के लिए एसीपी लिखकर भेज चुके लेकिन नहीं हुई कार्रवाई
पुलिस सूत्रों का कहना है कि कई थाना प्रभारी की प्रारंभिक जांच शुरू कराए जाने के लिए एसीपी लिखकर भेज चुके हैं लेकिन फाइलें दबा दी गई। किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कई थानाध्यक्ष पर तो गंभीर मामलों में लीपापोती करने पर कार्रवाई के लिए लिखा गया है। नवागत पुलिस कमिश्नर से ही इन सभी पर कार्रवाई की उम्मीदें हैं। एक एसीपी ने तो अपने उच्च अधिकारियों को अवगत कराया था कि साहब थाना प्रभारी सुबह 10:00 बजे ही शराब पी लेता है। पूरा दिन पीकर रहता है उसके बाद भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।











