आगरा। जगनेर क्षेत्र में छेड़छाड़ पीड़िता के आरोपी के नहीं पकड़े जाने पर पीड़िता द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में अधिकारियों के द्वारा दरोगा पर सिर्फ लाइन हाजिर की कार्रवाई की गई है ना कि निलंबन की।
24 फरवरी को युवती से छेड़छाड़ हुई थी। पुलिस ने मेडिकल कराने के बाद बयान दर्ज करा दिए। लेकिन आरोपित को नहीं पकड़ा। उसे अपने पक्ष में साक्ष्य जुटाने का पूरा मौका दिया। स्कूल से जारी ट्रांसफर सर्टिफिकेट के आधार पर पुलिस ने आरोपित को नाबालिग मान लिया। इसके बाद उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई न होने से आरोपित पक्ष का दुस्साहस बढ़ता गया। वह उन पर समझौते को दबाव बना रहे। पीड़िता के पिता तीन दिन पहले शिकायत करने खेरागढ़ में एसीपी आफिस गए थे। इसके बाद भी थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस नाबालिग और सात साल से कम सजा वाली धारा बताकर कार्रवाई करने से बचती रही। शनिवार को आरोपित पक्ष द्वारा स्वजन को धमकी दिए जाने के बाद पीड़िता ने आत्महत्या कर ली। पिता का कहना था कि अगर पुलिस आरोपित पर कार्रवाई करती तो उनकी बेटी की जान बच सकती थी। उन्होंने इसके लिए एसीपी आफिस में जाकर शिकायत की थी। इसके बाद भी पुलिस हरकत में नहीं आई। डीसीपी पश्चिमी सोनम कुमार का कहना है कि दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मलपुरा थाने के एक दरोगा और बरहन थाने के एक हेड कांस्टेबल को भी कार्य में लापरवाही बरतने पर लाइन हाजिर किया गया है।











