आगरा। कागारौल के गांव गहर्रा खुर्द में अभद्रता का शिकार हुआ दरोगा खुद कठघरे में आ गया है। बिना साक्ष्य जुटाए ही दरोगा आरोपियों के घर पर गिरफ्तारी के लिए वादी पक्ष को लेकर पहुंचा था। हंगामा कराने में दरोगा की भूमिका सामने आई है। दरोगा को निलंबित किया गया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश हुए हैं। इससे पहले वर्ष 2021 में एत्मादपुर में दरोगा के खिलाफ छेड़छाड़ की धारा में मुकदमा लिखा गया था। इसमें चार्जशीट भी लगी है।
26 नवंबर को कागारौल थाने में तैनात दरोगा पुनीत कुमार ने सिपाही शाहरूख के साथ गांव गहरा खुर्द में दबिश दी थी। बताया गया था कि कोर्ट के आदेश पर विजय सिंह पक्ष के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ था। दरोगा उसमें जांच करने गया था। पुलिस से अभद्रता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले में पुलिस की तरफ से विजय सिंह पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। विजय सिंह ने इस संबंध में अधिकारियों से शिकायत की। बताया कि गांव में रंजिश है। विपक्षी का एक बेटा पुलिस में है। कन्नौज में तैनात है। घटना के समय वह भी गांव में मौजूद था। दरोगा की गाड़ी एक प्राइवेट युवक चलाकर आया था। दरोगा ने घर में दबिश दी। विपक्षी का बेटा छत के रास्ते उनके घर में कूदा। उसकी पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। विजय सिंह ने लूटपाट का भी आरोप लगाया। कुछ वीडियो भी दिए। प्रारंभिक जांच में साफ हुआ कि दरोगा ने गांव में जाने की जानकारी थाने पर नहीं दी। उसने विजय सिंह को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। जबकि केस डायरी में उसके खिलाफ केाई साक्ष्य नहीं जुटाया।











