आगरा। कमिश्नरेट बनने के बाद सिपाही और दरोगाओं के तबादले डीसीपी कर सकेंगे। यह शक्ति उनके पास सुरक्षित रहेगी। पुलिस आयुक्त के द्वारा थाना प्रभारियों के तबादले किए जाएंगे। थाना प्रभारी के तबादले डीसीपी नहीं कर सकेंगे।
कमिश्नेट बनने के बाद आगरा तीन जोन में बंटा है। शहर, पूर्वी और दक्षिण। लखनऊ से आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति नहीं होने के बाद यहीं तैनात आईपीएस को डीसीपी बना दिया गया है। क्योंकि तीनों का ही प्रमोशन हो गया है। तीनों के प्रमोशन का आज कमिश्नर डॉ. प्रीतिंदर सिंह के द्वारा वर्दी पर स्टार भी लगाया जाएगा। मतलब कि तीनों कप्तान बनने वाली श्रेणी में आ गए हैं। इधर पुलिस उप आयुक्त नगर विकास कुमार, पुलिस उप आयुक्त पूर्वी सोमेंद्र मीणा, पुलिस उप आयुक्त दक्षिण सत्यजीत गुप्ता के द्वारा अपने जोन में एक थाने से दूसरे थाने में सिपाही से लेकर दरोगा का तबादला करने का अधिकार रहेगा। वह चौकी प्रभारी भी बदल सकेंगे। शहर की बात करें तो शहर में सबसे ज्यादा चौकियों की भरमार है। हर थाने में चार से पांच चौकियां है।
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