आगरा। एसटीएफ आगरा यूनिट के द्वारा एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया गया है जिसके द्वारा कर्मचारी चयन आयोग और सेंट्रल आर्डिनेंस डिपो में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की जाती थी।
एसटीएफ के इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा ने बताया कि फिरोजाबाद के शंकरपुर चंद्रवार निवासी पवन कुमार और फतेहाबाद निवासी आकाश ने शिकायत की थी कि आर्मी बेस वर्कशाप में नौकरी लगवाने के नाम पर गैंग ने सात लाख रुपये लिए थे। नौकरी नहीं लगने पर एक लाख रुपये वापस कर दिए, लेकिन अन्य रकम वापस नहीं की। रुपये मांगने पर उनके साथ मारपीट की गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पर एसटीएफ ने अबुल उलाह दरगाह के पास से कार में मौजूद पांच ठगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के नाम धर्मवीर उर्फ धर्मा निवासी जलालपुर फतेहाबाद, देवेंद्र सिंह निवासी पक्कापुरा टडावली फतेहाबाद, अनूप निवासी खेरा भगौर मानखेड़ा मलपुरा, हरेश पाठक निवासी मानखेड़ा अकोला मलपुरा व पारस चाहर निवासी लाड़म अकोला मलपुरा है। इसके पास से आर्मी बेस वर्कशाप प्रयागराज के चार एडमिट कार्ड, इलेक्ट्रिशियन 510 आर्मी बेस वर्कशाप का एक एडमिट कार्ड के अलावा पैनकार्ड, आधारकार्ड, निवास प्रमाणपत्र, टोकन नंबर 381 मोहर लगा हुआ व मूल अंकपत्र हाईस्कूल-इंटरमीडिएट के बरामद किए हैं। एसटीएफ ने कार और एक बाइक भी बरामद की है। एसटीएफ उनके फरार दो साथी प्रेमचंद्र वर्मा निवासी सफीपुरा बसई मोहम्मदपुर व रिंकू सिंह स्वारा फतेहाबाद की तलाश में जुटी है। इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा ने बताया कि धर्मवीर, देवेंद्र व प्रेमचंद्र वर्मा नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करते हैं। जबकि अन्य आरोपित बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाकर इनके पास लेकर आते थे।











