आगरा। जगदीशपुरा जमीन कांड में दर्ज हुए मुकदमे में पुलिस ने आनंद जुरैल का नाम भी बढ़ाया है। फिलहाल यह तय नहीं है कि उसने क्या किया था। इधर बिल्डर और किशोर बघेल की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
चार बीघा जमीन पर कब्जे के मामले में पुलिस ने दो फर्जी मुकदमे दर्ज कर पांच निर्दोष लोगों को जेल भेजा था। मामला डीजीपी तक पहुंचने के बाद कथित मालकिन की तहरीर पर तत्कालीन थानाध्यक्ष, बिल्डर और उनके बेटे सहित 18 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मुकदमे में नाम बढ़ते ही जा रहे हैं। फिलहाल पूरे मुकदमे में पुलिस बिल्डर को मुख्य आरोपित मान रही है। पुलिस ने विवेचना में अभी तक जैन परिवार से किसी को आरोपित नहीं बनाया है। कब्जे के पर जमीन पर क्या प्रोजक्ट बनना था, इसमें कौन-कौन कितने प्रतिशत का हिस्सेदार होता, इन अहम सवाल का जवाब फिलहाल पुलिस के पास नहीं है। पुलिस का कहना है कि दस हजार के इनामी बिल्डर की गिरफ्तारी के बाद कई रहस्यों से पर्दा उठेगा। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि अमित अग्रवाल, एसओ जितेंद्र कुमार और पुरुषोत्तम पहलवान को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अब बिल्डर, किशोर बघेल और आनंद जुरैल की तलाश कर रही है। इन तीनों की गिरफ्तारी के बाद यह पता चलेगा कि इस घटना में और कौन-कौन शामिल है।
डील कराने वाले की भी बढ़ेंगी मुश्किलें
एसआईटी के निर्देश पर सर्विलांस टीम ने डील कराने वाले के खिलाफ साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है। जिन लोगों के नाम पुलिस को पता चले हैं उनकी घटना से पहले और बाद की लोकेशन देखी जा रही है। एसओ की कॉल डिटेल में पुलिस को कई नंबर मिले थे। उन लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।
जमीन पर कब्जे की डील के लिए राजपुर चुंगी स्थित एक होटल में मीटिंग हुई थी। पुलिस को यह खबर मिली थी। छानबीन शुरू हुई तो एसओ के होटल में जाने के डिजिटल प्रमाण मिल गए। एसओ जितेंद्र कुमार से भी जेल में विवेचना द्वारा पूछताछ की जा सकती है। उनसे यह पूछा जाएगा कि वह उस होटल पर क्या करने गए थे। जिस दिन एसओ होटल पर गए वहां कौन-कौन मौजूद था। यह पता लगाने के लिए सर्विलांस टीम काम कर रही है।











