आगरा। रविवार को शाही जामा मस्जिद में इंतजामिया कमेटी और शहर मुफ्ती अब्दुल खुबैब रूमी के बीच विवाद हो गया। सूचना पर एसीपी सहित भारी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंच गया।
घटना दोपहर रविवार करीब ढाई बजे की है। शहर मुफ्ती अब्दुल खुबैब रूमी जामा मस्जिद पहुंचे थे। यहां परिसर में स्थित अपने कार्यालय में बैठ कर वह समाज के लोगों के धर्म से संबंधित मामले सुनकर सुलझाते हैं। समाज के लोगों के धर्म से संबंधित सवालों के जवाब देते हैं। मुफ्ती से अपने मामलों पर बातचीत करने को दर्जनों लोग जामा मस्जिद परिसर में एकत्रित थे।
कमेटी के पदाधिकारियों शरीफ काले, हाजी पठान आदि पर आरोप है कि उन्होंने शहर मुफ्ती से गाली-गलौज और अभद्रता की। उन्हें जामा मस्जिद परिसर से बाहर जाने के लिए कहा। इसे लेकर विवाद हो गया। वहां जुटे समाज के लोग जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के पदाधिकारियों से भिड़ गए। हंगामा होता देख शहर मुफ्ती वहां से चले गए। एसीपी राकेश कुमार सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए, उन्होंने हंगामा करते समाज के लोगों को शांत कराया।
इधर, शहर मुफ्ती से अभद्रता को लेकर नाराज मुस्लिम समाज के लोगों ने कलक्ट्रेट के पास स्थित शाही मस्जिद लश्कर खां पर बैठक की। इसमें राष्ट्रीय सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी जमीलउद्दीन कुरैशी, हाजी बिलाल, अली शान आदि मौजूद रहे। एसीपी छत्ता आरके सिंह ने बताया कि दोनों पक्ष की ओर से तहरीर दी गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
शाही जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के पदाधिकारियों शरीफ काले आदि का पुलिस से कहना था कि शहर मुफ्ती हर रविवार तकरीर करने की नई परंपरा शुरू कर रहे थे। इसका विरोध किया गया था। वर्ष 1986 में तकरीर को लेकर विवाद हो गया था। मस्जिद परिसर में गोली चलने पर तीन लोग घायल हो गए थे। इसके बाद तकरीर बंद कर दी गई थी। पिछले रविवार से शहर मुफ्ती ने तकरीर करने की नई परंपरा दोबारा आरंभ करने का प्रयास किया तो इसका विरोध किया गया। रविवार को वह दोबारा लोगों को लेकर पहुंचे थे।











