आगरा। दिवाली पर हुई आतिशबाजी के बाद आज सुबह धुंध छाई हुई थी। धुंध में ताजमहल भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। कुछ क्षेत्रों में एक्यूआई 329 तक पहुंच गया था। हवा की गुणवत्ता खराब होने से बुजुर्ग और अस्थमा लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। चिकित्सकों ने भी सलाह दी है ऐसे वातावरण में मास्क लगाकर ही बाहर निकलें।
गुरुवार देर रात तक दिवाली पर आतिशबाजी का दौर जारी रहा। पूरे शहर में पटाखों की गूंज सुनाई देती रही। गुरुवार शाम तक कुछ क्षेत्रों में एक्यूआई 100 था। शाम के बाद धीमे धीमे यह बढ़ता गया। रात 11:30 बजे यह 300 पहुंच गया था। जैसे-जैसे पटाखे जलते रहे प्रदूषण बढ़ता चला गया। शुक्रवार सुबह औसत एक्यूआई 329 रहा लेकिन, पीएम-2.5 और पीएम-10 का अधिकतम स्तर मनोहरपुर, रोहता, ताजमहल, शास्त्रीपुरम व आवास विकास कॉलोनी में मानक से 4.1 गुना तक अधिक रहा।
गुनगुने पानी से गरारे कर गले में जमे अति सूक्ष्म कणों को साफ कर लें। इस समय सुबह और शाम घूमने से बचें। आंखों को समय-समय पर पानी से धोते रहें। घर के आसपास भी पानी का छिड़काव करते रहें। फेफड़ों की बीमारी से जुड़े मरीज गर्म पानी की भाप लें। मुंह पर मास्क का प्रयोग करें।
डॉक्टर डीपी शर्मा, फिजिशियन अमरनाथ हॉस्पिटल

गुनगुने पानी से गरारे कर गले में जमे अति सूक्ष्म कणों को साफ कर लें। इस समय सुबह और शाम घूमने से बचें। आंखों को समय-समय पर पानी से धोते रहें। घर के आसपास भी पानी का छिड़काव करते रहें। फेफड़ों की बीमारी से जुड़े मरीज गर्म पानी की भाप लें। मुंह पर मास्क का प्रयोग करें।









