आगरा। जगदीशपुरा जमीन कांड में टहल सिंह के जिंदा सामने आने के बाद नए-नए मोड़ आ रहे थे। टहल सिंह के फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र के आधार पर सदर तहसील से वारिसाना बना था। फर्जी कागजात बनवाने वाले फर्जी मालकिन सहित 6 लोगों को जगदीशपुरा थाना पुलिस ने मंगलवार को जेल भेजा है।
बोदला में 50 करोड़ रुपए की जमीन पर कब्जा प्रकरण काफी सुर्खियों में रहा था। मामले में पुलिस कमिश्नर को भी डीजीपी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। पुलिस ने दो फर्जी मुकदमे दर्ज कर केयरटेकर रवि कुशवाहा सहित उसके परिवार के पांच लोगों को जेल भेजा था। रवि कुशवाह सहित तीन से गांजा बरामद किया गया था। उसकी पत्नी और बहन से शराब बरामद दिखाकर जेल भेजा गया था। गांजा बरामदगी के मुकदमे में पुलिस वादी बनी थी, जबकि शराब बरामदगी का मुकदमा आबकारी निरीक्षक ने दर्ज कराया था। दोनों की फर्द में अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल थे। मामले में थाना जगदीशपुरा के तत्कालीन थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार और कई लोगों को जेल भेजा गया था। बिल्डर पिता-पुत्र को हाईकोर्ट से गिरफ्तारी से स्टे मिल गया था।
इधर टहल सिंह अपने दो बेटों जगदेव सिंह और हरजीत सिंह के साथ सदर तहसील में उपस्थित हुए थे। उनके साथ मैनपुरी के मनोज यादव और उनका बेटा प्रियांशु यादव भी साथ थे। टहल सिंह ने कहा कि उमा देवी का उनकी जमीन पर मालिकाना हक बताया जा रहा है। केयर टेकर के रुप में रवि कुशवाह और संकरिया दावा कर रहे हैं। उमा देवी कौन है, उन्हें नहीं पता है। एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने उनके 161 में बयान दर्ज किए। इसके बाद 164 में मजिस्ट्रेटी बयान भी दर्ज कराए थे।
इधर जांच में सामने आया था कि टहल सिंह की वारिस बता उमा देवी ने इस भूमि का दाखिल खारिज कराया था। उमा देवी के वारिसान प्रमाणपत्र पर सदर तहसील के लेखपाल, कानूनगो व तहसीलदार के हस्ताक्षर थे। लेखपाल और काननूगो ने बिना जांच के प्रमाणपत्र जारी किया था। गवाहों के आधार पर बने इस प्रमाणपत्र का सत्यापन नहीं कराया गया। टहल सिंह का मृत्यु प्रमाणपत्र भी फर्जी निकला। मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए टहल सिंह का फर्जी आधार नंबर व श्मशान की रसीदें लगाई गईं। मंगलवार को थाना पुलिस ने 6 लोगों को उसी मुकदमे में धारा बढ़ाते हुए जेल भेजा है जो जगदीशपुरा थाने में उमा देवी की तहरीर पर लिखा हुआ है। उमा देवी ने पूछताछ में यह भी बताया कि धर्मेन्द्र ने फर्जी कागज बनवाये थे।
उमा देवी बोली धर्मेंद्र ने मुझे अभी तक दो-चार हजार ही दिए हैं
जेल भेजने से पहले उमा देवी से पुलिस ने जब पूछताछ की तो उसने बताया कि मुझे तो धर्मेंद्र ने मामले में आगे किया था। धर्मेंद्र ने कहा था कि मेरे कहने पर चलोगी तो तुम्हें एक मकान दिलवा दूंगा और कुछ पैसे भी दे दूंगा। इसके बाद में इन लोगों के साथ जाने लगी। पुलिस ने जो लोग जेल भेजे हैं उनमें कृष्ण मुरारी फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में टहल सिंह का भतीजा बना था। शंकरिया ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र में गवाही दी थी। रवि ने भी गवाही दी थी। धर्मेंद्र पूरे खेल का मास्टरमाइंड था, उसी ने उमा देवी को तैयार किया था। राजू, धर्मेंद्र का साथी है। राजू उमा देवी को अपनी बहन बता कर उसे अधिकारियों के पास शिकायत के लिए लेकर जाता था। उमा देवी ने बताया कि मुझे अभी तक धर्मेंद्र ने दो से चार ही दिए हैं। इसके अलावा अभी तक मेरे पास कुछ नहीं आया है।
यह लोग भेजे गए जेल
1. किशन मुरारी उर्फ मोहित कुशवाह पुत्र स्व. रामबाबू निवासी फ्रीगंज रोड रेलवे पुल के पास विजयनगर, हरिपर्वत
2. वादिया मुकदमा उमा देवी पत्नी स्व. पदम चन्द्र हाल निवासी काशीराम आवास योजना टेढी बगिया के पास 80 फुटा रोड, ट्रान्सयमुना
3. शंकरिया उर्फ शंकरलाल पुत्र दीनानाथ निवासी सरदार टहल सिंह का बाड़ा बीएस काम्पलेक्स के सामने, जगदीशपुरा मूल निवासी बर्र की ठार फतेहाबाद
4. रवि कुशवाह पुत्र दीनानाथ कुशवाह निवासी सरदार टहल सिंह का बाड़ा बीएस काम्पलेक्स के सामने जगदीशपुरा मूल निवासी बर्र की ठार फतेहाबाद
5. धर्मेन्द्र पुत्र प्रयाग सिंह निवासी यमुना ब्रिज स्टेशन रोड, एत्माद्दौला
6. राजू पुत्र स्व. राम सिंह निवासी जोन्स मिल जीवनी मंडी, छत्ता











