आगरा। कहावत है जैसा देश वैसा भेष। ईमानदार और सख्त एसएसपी को देख कई पुलिसकर्मियों की कार्यशैली बदलती हुई नजर आ रही है। पुलिस कर्मियों को डर है कि कहीं उनका रिश्वत लेना उन्हें जेल ना भिजवा दे। इसलिए वह रिश्वत लेने में डर रहे हैं। पुलिसकर्मियों को बदलता देख फरियादियों में भी खुशी की लहर है।
बता दें कि प्रभाकर चौधरी आगरा के नए एसएसपी बने हैं। प्रभाकर चौधरी काफी सख्त आईपीएस माने जाते हैं। भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने के मामले में वह एक सेकंड भी नहीं लगाते हैं। प्रभाकर चौधरी के एसएसपी बनने के बाद अधिकतर थानों में पुलिसकर्मियों ने अपनी कार्यशैली बदल ली है। जिन फरियादियों से पुलिस बिना पैसा लिए सीधे मुंह बात नहीं करती थी उनका बिना पैसा लिए काम कर रही है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो छत्ता सर्किल के एक थाने में एक हॉस्पिटल का कर्मचारी यह सूचना देने के लिए पहुंचा कि उसके यहां एक मरीज भर्ती हुआ है। वह गंभीर रुप से घायल है। ( सभी हॉस्पिटल वाले अपने यहां जलने वाले, हमले में गंभीर रूप से घायल होने वाले, गोली लगने वाले) मरीजों की जानकारी थाने में देने के लिए जाते हैं जिससे अगर उनकी मृत्यु हो जाए तो पुलिस पंचनामा समय से भर दे। एक हॉस्पिटल का कर्मचारी भी यही जानकारी देने के लिए गया। कर्मचारी ने दफ्तर के हेड मुहर्रिर को 500 रुपये दिए। हेड मुहर्रिर ने उससे कहा कि आप पैसे रख लीजिए। मैंने सूचना नोट कर ली है। हॉस्पिटल का कर्मचारी हैरान रह गया। वह बोला कि पहले तो आप ले लेते थे अब क्यों नहीं ले रहे हैं। इस पर हेड मुहर्रिर ने कहा कि भैया अब जेल नहीं जाना है। हरीपर्वत सर्किल के एक थाने में एक हेड मुहर्रिर के पास एक गैर जनपद का पुलिसकर्मी अपने मोबाइल फोन खोने की सूचना देने के लिए पहुंचा। हेड मुहर्रिर ने सूचना देने वाले सीनियर इंस्पेक्टर से सीधे मुंह बात नहीं की। यह जानकारी जब थाने के इंस्पेक्टर को मिली तो उन्होंने उसकी लताड़ लगाई। हेड मुहर्रिर से कहा की तुम्हें पता नहीं है प्रभाकर चौधरी साहब कप्तान बनकर आ गए हैं। तुम तो मुझे भी लाइन हाजिर करा दोगे। कोतवाल साहब ने उसका सबसे खराब चौकी पर तबादला करने की रणनीति बना ली है। कोतवाल साहब ने पूरे थाने में बोल दिया है जब तक मैं रहूंगा एक भी रुपया किसी को नहीं लेने दूंगा।
सदर सर्किल के दो थाने के दो कारखासों की हालत पतली है। एक कार खास की कार्यशैली तो लुटेरा प्रवृति की है। सभी होटलों और स्पा सेंटर से पैसा लेने के लिए वह कुख्यात है। कारखास कोतवाल साहब के पास पहुंचा और बोला साहब मुझे कारखासी से हटा दीजिए। मैं वर्दी पहनकर ड्यूटी करूंगा। चोरी से पैसा लाकर आपको देता रहूंगा। अगर कारखास रहा तो कप्तान साहब मनसुखपुरा भेज देंगे। कई और भी थाने हैं जहां से कारखास चौकियों पर अटैच हुए हैं और वर्दी पहन कर आ रहे हैं।
एक थाने में एक फरियादी पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए गया। फरियादी ने मुंशी को चढ़ावा चढ़ाने के लिए अपनी जेब में हाथ डाला। मुंशी बोला साहब आपका पासपोर्ट वेरिफिकेशन करा दूंगा। बस आप जेब में हाथ मत डालिए। फरियादी मुंशी की ईमानदारी को देख बड़ा खुश हुआ। फरियादी ने पूछा भैया क्या हो गया है। मुंशी बोला जो नए कप्तान साहब आए हैं। वह पासपोर्ट वेरीफिकेशन वाली पूरी सूची अपने पास मंगाकर फोन कर बोलते हैं कि मैं पासपोर्ट ऑफिस से बोल रहा हूं। अभी तक आपका पासपोर्ट थाने से वेरिफिकेशन होकर नहीं आया है। फरियादी बोलता है साहब मैं तो थाने में गया था मुंशी जी ने कहा था पासपोर्ट दो दिन में पहुंच जाएगा। इस पर साहब बोलते हैं लेकिन आपका पासपोर्ट तो अभी आया नहीं है। क्या आपने मुंशी जी को पैसे दिए थे? फरियादी बोल देता है कि साहब मैं तो इतने पैसे देकर आया था। साहब घुमा फिरा कर मुंशी का नाम पूछ लेते हैं। इसके बाद उसका निलंबन का आदेश थाने में भेज देते हैं। इसलिए भैया आप घर चले जाइए उल्टा मैं आपको रिक्शे के पैसे दे देता हूं। फरियादी बाहर आकर अपने चाचा से बोला काश ऐसे कप्तान साहब जिंदगी भर यहां आते रहे।
इधर देहात के सर्किल के एक सीओ साहब पुरानी कार्यशैली में ही काम कर रहे हैं। विशेष सूत्रों की मानें तो एक चौकी प्रभारी से बोले आप महीनेदारी नहीं देते हो। चौकी प्रभारी ने कहा साहब अब समय बदल गया है। दो महिलाएं जो नशीले पदार्थ की बिक्री करने के लिए फतेहपुर सीकरी थाने से आती थीं, उनसे मना कर दिया है। दोनों से महीनेदारी मिल जाती थी। अब मुझे ही नहीं मिलेंगे तो आपको पैसे कहां से दूं। इधर देहात के एक थाने के थानाध्यक्ष पुलिसकर्मियों के बीच धुंआ दे रहे हैं कि मैं साहब के साथ एक जिले में पोस्ट रहा हूं। मैं जब चौकी प्रभारी था तो साहब मेरे पास रात में 2:00 बजे आइसक्रीम खाने के लिए आते थे। पुलिसकर्मी थानाध्यक्ष के पीछे बोल रहे हैं कि यह कितने भी खास हो इन्हें अभी पता नहीं है कि नए कप्तान साहब खास वालों को ही पहले निपटाते हैं। यह थानाध्यक्ष तो वैसे ही निपटेंगे क्योंकि भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड तोड़े हुए हैं।
इधर एसएसपी ने आने के एक दिन बाद यह वायरलेस भी करा दिया है कि उनकी कोठी पर कोई भी एसओ और इंस्पेक्टर नहीं आएगा। सिर्फ डाक वाला ही पुलिसकर्मी आएगा। इसके साथ ही आज उन्होंने सुबह 8:00 बजे और रात को 8:00 बजे सभी थाना प्रभारियों से थाने में मौजूद सभी पुलिसकर्मियों की गणना करने के लिए निर्देशित किया है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी बेशक अभी तक शांत हैं, लेकिन पुलिसकर्मी अपने को बदलने में लगे हुए हैं। वह बोल रहे हैं कि यह तूफान आने से पहले की शांति है।
एसएसपी ने रात में 9:30 बजे सभी थाना प्रभारियों से परिचय के लिए मीटिंग बुलाई। एसएसपी ने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करूंगा। अगर किसी की 25 पैसे की भी शिकायत मिल गई तो कार्रवाई कर दूंगा। आप पर किसी का दबाव नहीं है आप खुलकर काम करें। फरियादियों के साथ अच्छा व्यवहार करें।











