आगरा। नगर में कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही स्वच्छता कारपोरेशन अपने कार्य को ठीक से अंजाम नहीं दे रही है। कार्य में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने फर्म पर तीस लाख की पैनाल्टी लगाई है।
नगर में कूड़े का उठान कर रही स्वच्छता कारपोरेशन के कार्य की प्रतिदिन नगर आयुक्त द्वारा मॉनिटरिंग कराई जा रही है। इसी क्रम में जुलाई और अगस्त माह में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के कार्य का सत्यापन जेडएसओ और सफाई निरीक्षकों के माध्यम से कराया गया। उनके द्वारा पर्यावरण अभियंता को दी गई रिपोर्ट में कूड़ा कलेक्शन के दौरान तमाम खामियां सामने आयीं। दी गई आख्या के अनुसार फर्म के द्वारा डोर टू डोर कूड़ा लेने के लिए जाने वाली गाड़ियों के द्वारा बीच-बीच में घर छोड़कर कलेक्शन किया जा रहा था। बीच-बीच में बिना सूचना दिये ही कूड़े का कलेक्शन नहीं किया गया। रक्षाबंधन त्योहार के दौरान सभी जोनों में पांच से छह दिन तक कूड़े का उठान नहीं हुआ। इस दौरान फर्म द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई थी। कारपोरेशन के कर्मचारी ड्रेस में भी कार्य करते हुए नहीं पाये गये। वाहनों पर 14 साल से कम उम्र के बच्चे कार्यरत पाये गये जो कि गैर कानूनी है। वाहनों पर जिंगल बैल भी नहीं बजाई जा रही थी। फर्म की समस्त गाड़ियों पर अभी भी दो डस्टविन नहीं लगाये गये हैं। कूड़े का कलेक्शन भी अनहाईजनिक तरीके से किया जा रहा है। वाहनों के द्वारा खाली प्लाटों में कूड़ा खाली करने की भी शिकायतें लगातार लोगों से मिल रही हैं। निगम की ओर से दिये गये सत्तर मोबाइलों से कोई भी आरएफआईडी स्केनिंग का कार्य नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा फर्म के द्वारा ये भी अवगत नहीं कराया जा रहा है कि कितने प्रतिशत गीले व सूखे कूड़े का पृथक कलेक्शन किया जा रहा है। इसके अलावा वाहनों पर बच्चे कार्यरत पाये जा रहे हैं।
पुशकार्ट की कमी से छोटी गलियों में नहीं हो पा रहा कूड़ा कलेक्शन
कार्यदायी फर्म द्वारा 165 पुशकार्ट के सापेक्ष केवल 95 पुशकार्ट ही का उपयोग किया जा रहा है जिससे छोटी छोटी गलियों से कूड़ा कलेक्शन नहीं हो पा रहा है। वाहनों की रंगाई पुताई और टूटफूट भी समय पर नहीं कराई जा रही है जबकि फर्म की ओर से अगस्त तक सारी कमियां दूर कराने का आश्वासन दिया गया था।











