आगरा। आईईटी छात्रों के साथ मारपीट और शिक्षकों के साथ अभद्रता को लेकर आज संस्थान के छात्र धरने पर बैठ गए। छात्रों के समर्थन में एनएसयूआई और सपा छात्र सभा के पदाधिकारी भी पहुंच गए। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए दोपहर तक हंगामा चला। हंगामे को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए न्यू आगरा थाने में तहरीर भेज दी गई। शाम को प्रति कुलपति ने पिटने और पीटने बालों के बीच में वार्ता कराई। इसमें दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इसके बाद थाने में सूचना दी गई कि मुकदमा दर्ज ना किया जाए।
बुधवार को आईईटी में छात्र- छात्राओं के बीच कहासुनी हो गई थी। एक गुट ने अपने पक्ष में सांसद प्रोफेसर रामशंकर कठेरिया के यहां रहने वाले युवक को बुला लिया। युवक अपने साथ कई साथियों को भी ले आया। आरोप है इनके द्वारा शिक्षकों के सामने ही छात्रों के साथ मारपीट की गई। वहीं चीफ डॉक्टर प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव और निदेशक आईईटी प्रोफेसर वीके सारस्वत के साथ भी अभद्रता की और उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। दोनों शिक्षक शाम को अपने पदों से प्रति कुलपति को अपना इस्तीफा दे आए थे। आज सुबह जब संस्थान खुला तो छात्र धरने पर बैठ गए। छात्रों ने मांग की जब तक हमें सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलेगी हम संस्थान नहीं खुलने देंगे। समर्थन में एनएसयूआई के गौरव शर्मा, सतीश सिकरवार, ललित त्यागी और सपा छात्र सभा के अमित यादव, मुकुल यादव, कैप्टन सिंह बघेल भी पहुंच गए। हंगामे को देखते हुए प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा और डीन एकेडमिक प्रोफेसर संजीव कुमार ने कहा कि दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। शाम को प्रति कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा ने दोनों गुटों के बीच वार्ता कराई। वार्ता के दौरान पिटाई करने वालों ने अपनी गलती पर माफी मांगी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। थानाध्यक्ष अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि दोपहर में मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर भेजी गई थी। शाम को समझौता भेज दिया गया।











